‘मैं यहां की थानेदार बनकर आई हूं और तुम पैक्स में बहुत माल कमाते हो। 50 हजार रुपए दो, नहीं तो अंजाम भुगतने को तैयार रहो।’ यह धमकी देकर महिला थानेदार चली गई। उसके बाद 20 जुलाई की रात रोककर बेवजह पांच हजार रुपये गाड़ी चलान के नाम पर ले लिए। यह आरोप पीड़ित बनगांव थाना क्षेत्र के मुरली बसंतपुर निवासी दिव्यांग पैक्स अध्यक्ष अनिल महतो ने लगाए हैं। उन्होंने इस मामले को लेकर एसपी और डीआईजी को आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की है।
आवेदन में उन्होंने कहा कि थानाध्यक्ष बनगांव द्वारा मुझे जानबूझ कर अपमानित किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि थानेदार द्वारा दूसरे की गाड़ी का जुर्माना मुझसे वसूल करते हुए पांच हजार रुपये रिश्वत में लिए गए। उन्होंने कहा कि 20 जुलाई को रात के करीब 8:30 बजे मैं बरियाही से कार से अपने घर जा रहा था। चार चक्का पुलिस गाड़ी तेजी से मेरी कार के आगे आकर रुकी। उसमें से बनगांव थानाध्यक्ष पिंकी कुमारी उतरकर मेरे पास आईं और बोलीं कि थाने चलो। फिर एक सिपाही को मेरे कार में बैठा दिया। मैं भी अपनी कार लेकर उक्त पुलिस गाड़ी के पीछे-पीछे बनगांव थाना परिसर गया और जैसे ही गाड़ी खड़ी कर बाहर निकला तो पिंकी कुमारी ने मेरे हाथ से कार की चाभी छीन ली। फिर कहा कि 25 हजार रुपये दो नहीं तो गाड़ी का चालान काट देंगे।
पीड़ित ने बताया कि मैंने गुहार लगाते हुए कहा कि मैं दिव्यांग हूं। किस बात का पैसा दूंगा, मेरे पास पैसा नहीं है। पीड़ित ने यह आरोप भी लगाया कि इतने में उन्होंने (थानेदार) छोटे दारोगा को आदेश दिया कि किसी गाड़ी का नंबर चढ़ाकर चलान कर पांच हजार रुपये लेकर इस लंगड़े को छोड़ देना और गश्ती पर निकल गईं। इसके बाद छोटे दारोगा ने मुझसे 25 सौ रुपये जो मेरी पॉकेट में थे, ले लिए। उसके बाद दूसरी अनजान गाड़ी का नंबर चढ़ाकर चलान काटकर रसीद देते हुए बोला कि 25 सौ रुपये और दो नहीं तो रात भर थाने में ही रखेंगे, यह मैडम का आदेश है।
‘मिठाई दुकानदार के नंबर पर भिजवाया पैसा’
पीड़ित ने बताया कि मेरे पास नकदी नहीं है, घर से मोबाइल पर मंगाना होगा। अपना नंबर दिजिए तो उसने हरिओम स्वीट्स कॉर्नर बनगांव का मोबाइल नंबर लिखवाते हुए कहा कि इसी नंबर पर भेज दो। उसके बाद मैंने अपने मित्र सुधीर राम से अपने मोबाइल पर तीन हजार रुपये मंगाकर 25 सौ रुपये हरिओम स्वीट्स एंड स्नैक्स के मोबाइल पर यूपीआई के जरिए भेज दिए। उसके बाद पुलिस मुझे लेकर हरिओम स्वीट्स कॉर्नर गई और उससे 25 सौ रुपये लाकर दिए। तब मुझे रात के करीब 9:40 बजे छोड़ दिया गया।
‘50 हजार रुपये की थी मांग’
पीड़ित ने बताया कि घटना का कारण है कि कुछ दिन पहले बनगांव थानेदार पिंकी कुमारी ने मेरे पैक्स गोदाम पर आकर कहा था कि मैं यहां की प्रभारी बनकर आई हूं। पैक्स में बहुत माल कमाते हो, 50 हजार रुपये दो। मैंने रुपये देने से इनकार किया तो वह अंजाम भुगतने की धमकी देकर चली गईं थी। उन्होंने दावा करते हुए कहा कि मेरे द्वारा रिश्वत में मांगी गई रकम न देने के कारण ही मुझे प्रताड़ित करने के लिए उक्त घटना की है।
‘आरोप बेबुनियाद, नियम सब के लिए बराबर’
इस बाबत थानाध्यक्ष पिंकी कुमारी ने कहा कि आरोप बेबुनियाद हैं। उन्होंने कहा कि वह बरियाही बाजार में सड़क पर गाड़ी खड़ी कर सैलून में था। इसे लेकर उसका चलान काटा गया तो खुद को पैक्स अध्यक्ष होने की बात कह छोड़ देने को कहा। तब मैंने कहा कि नियम सब के लिए है। तब मेरी उससे पहली बार मुलाकात हुई थी। पूर्व में पैसा मांगने की बात भी गलत है। अगर चालान पर नंबर गलत था तो उन्होंने दस्तखत क्यों किया।