बिहार के सहरसा जिले में अपराधियों ने दिनदहाड़े दुस्साहसिक वारदात को अंजाम दिया है। सलखुआ प्रखंड की हरेवा पंचायत की पूर्व मुखिया उम्मे कुलशुम के पति मो. गुड्डू की अज्ञात बाइक सवार अपराधियों ने गोली मारकर हत्या कर दी। वारदात के बाद इलाके में तनाव और परिजनों में भारी आक्रोश है।
मिली जानकारी के अनुसार, मो. गुड्डू बनमा ईटहरी प्रखंड के सरबेला से एक शादी समारोह में शामिल होकर अपने घर लौट रहे थे। जैसे ही वह सरबेला पुल के समीप पहुंचे, पहले से घात लगाकर बैठे बाइक सवार हथियारबंद बदमाशों ने उन पर गोलियां चला दीं। गोली लगते ही मो. गुड्डू खून से लथपथ होकर गिर पड़े, जबकि अपराधी हथियार लहराते हुए मौके से फरार हो गए।
इलाज के दौरान मौत, रास्ते में पुलिस ने शव को कब्जे में लिया
गोली चलने की आवाज सुनकर स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और गंभीर रूप से घायल मो. गुड्डू को नजदीकी अस्पताल ले गए। उनकी नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें सहरसा रेफर कर दिया। सहरसा के सूर्या क्लीनिक पहुंचते ही डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मौत के बाद परिजन शव को निजी वाहन से वापस गांव ले जा रहे थे। इसकी सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए हुसैनचक के पास वाहन को रोक लिया। इसके बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सहरसा सदर अस्पताल भेज दिया।
पुरानी रंजिश का शक, क्या बोली पुलिस?
सिमरी बख्तियारपुर के एसडीपीओ निशीकांत भारती ने बताया कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है। अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है। प्रथम दृष्टया यह मामला पुरानी रंजिश से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। जल्द ही हत्याकांड का खुलासा कर लिया जाएगा।
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इलाके में तनाव, भारी पुलिस बल तैनात
घटना के बाद हरेवा, सलखुआ और बनमा ईटहरी प्रखंड क्षेत्रों में मातम और आक्रोश का माहौल है। मो. गुड्डू के समर्थकों ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है। विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए क्षेत्र में पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है। बता दें कि मो. गुड्डू की पत्नी उम्मे कुलशुम ने वर्ष 2006 के पंचायत चुनाव में जीत दर्ज की थी और 2011 तक हरेवा पंचायत का प्रतिनिधित्व किया था। वर्ष 2011 के चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।