बक्सर जिले के मसरहिया गांव में दो पक्षों के बीच हुई गोलीबारी के मामले में एकतरफा कार्रवाई और कर्तव्य में लापरवाही के आरोपों पर मुरार थानाध्यक्ष नेहा कुमारी को निलंबित कर दिया गया है। सर्किल इंस्पेक्टर की जांच रिपोर्ट में आरोपों की पुष्टि होने के बाद शाहाबाद रेंज के डीआईजी के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई। एसपी शुभम आर्य ने मामले में गंभीरता दिखाते हुए विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाई।
जांच में कई आरोपों की पुष्टि
नेहा कुमारी के खिलाफ मिली शिकायतों की जांच डुमरांव के सर्किल इंस्पेक्टर अरविंद कुमार को सौंपी गई थी। जांच के दौरान उनकी कार्यशैली और विभिन्न मामलों में की गई कार्रवाई की समीक्षा की गई। रिपोर्ट में मसरहिया गोलीबारी कांड में एकतरफा कार्रवाई करने, विभिन्न आपराधिक मामलों के उद्भेदन में लापरवाही बरतने और शराब तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाने में विफल रहने से संबंधित आरोपों की पुष्टि होने की बात सामने आई।
अवैध हथियार के मामले में भी उठे सवाल
थानाध्यक्ष पर अवैध हथियार के साथ पकड़े गए एक व्यक्ति को छोड़ने का भी आरोप लगा था। शिकायत के अनुसार, कार्रवाई के दौरान हथियार की बरामदगी दिखाई गई, लेकिन संबंधित व्यक्ति के खिलाफ आगे की कार्रवाई को लेकर सवाल उठे थे। इसके अलावा महिला सिपाहियों को बैरक में रहने के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध नहीं कराने का आरोप भी लगाया गया था।
इन सभी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जांच कराई गई। जांच रिपोर्ट में आरोपों की पुष्टि होने के बाद निलंबन की कार्रवाई की गई।
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पुलिस महकमे में बढ़ी जवाबदेही की चर्चा
थानाध्यक्ष के निलंबन के बाद पुलिस महकमे में अनुशासन और जवाबदेही को लेकर चर्चा तेज हो गई है। इस कार्रवाई को ड्यूटी में लापरवाही और गंभीर शिकायतों के मामलों में विभागीय सख्ती के तौर पर देखा जा रहा है। फिलहाल, निलंबन के बाद संबंधित मामलों में आगे की विभागीय कार्रवाई पर नजर बनी हुई है।