शिक्षामंत्री का स्वागत करते भाजपा कार्यकर्ता
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बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने शिक्षक भर्ती परीक्षा (TRE-4) को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि टीआरई-4 का शेड्यूल जल्द जारी किया जाएगा। अभ्यर्थियों से अपील करते हुए उन्होंने कहा कि वे पढ़ाई पर ध्यान दें और अनावश्यक बातों में न पड़ें। मंत्री ने कहा कि एनडीए सरकार लोगों की उम्मीदों पर खरा उतरने वाली सरकार है और बिहार की जनता ने लगातार भरोसा जताकर इसे मजबूत किया है।
सिंहेश्वर नाथ मंदिर पहुंचे शिक्षा मंत्री
मंगलवार को मधेपुरा के सिंहेश्वर नाथ मंदिर पहुंचकर शिक्षा मंत्री ने बाबा भोलेनाथ की पूजा-अर्चना की तथा राज्य की सुख-समृद्धि और शांति की कामना की। पूजा-अर्चना के बाद वे सहरसा के लिए रवाना हो गए, जहां वे सहयोग शिविर कार्यक्रम में भाग लेंगे। मिथिलेश तिवारी सहरसा जिले के प्रभारी मंत्री भी हैं। मंदिर परिसर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान मंत्री ने कहा कि लोगों की आशा और आकांक्षाओं को एनडीए सरकार ने हमेशा पूरा किया है और आगे भी करती रहेगी।
भाजपा कार्यकर्ताओं से मुलाकात
सिंहेश्वर में मंत्री ने भाजपा कार्यकर्ताओं एवं स्थानीय नेताओं से भी मुलाकात की। कार्यकर्ताओं ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान संगठन की मजबूती, सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं तथा आगामी कार्यक्रमों को लेकर चर्चा हुई। भाजपा नमो ऐप के जिला संयोजक सुभाष चौहान ने कहा कि मंत्री का सिंहेश्वर आगमन कार्यकर्ताओं के लिए उत्साहवर्धक है।
उर्दू विषय और शिक्षकों की बहाली की मांग
सिंहेश्वर से सहरसा जाने के क्रम में झिटकिया में बीएनएमयू के रिसर्च स्कॉलर इम्तियाज रहमानी ने शिक्षा मंत्री का गुलदस्ता देकर स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने नवसृजित डिग्री कॉलेजों में उर्दू विषय की पढ़ाई शुरू कराने तथा उर्दू शिक्षकों की बहाली की मांग रखी।
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प्राथमिक विद्यालय को मूल स्थान पर संचालित कराने की मांग
इधर, भाजपा नमो ऐप के जिला संयोजक सुभाष चौहान ने मंत्री को एक मांग पत्र भी सौंपा। इसमें सिंहेश्वर प्रखंड की रुपौली पंचायत अंतर्गत वार्ड संख्या-2 स्थित नवसृजित प्राथमिक विद्यालय बेलदारी टोला रुपौली को पुनः मूल स्थान पर संचालित कराने की मांग की गई। उन्होंने बताया कि विद्यालय को उत्क्रमित मध्य विद्यालय केटवान में शिफ्ट कर दिया गया है, जबकि पोषक क्षेत्र में विद्यालय निर्माण के लिए पर्याप्त सरकारी भूमि उपलब्ध है। सुभाष चौहान ने कहा कि विद्यालय शिफ्ट होने के कारण बच्चों को करीब तीन किलोमीटर दूर एनएच-106 पार कर केटवान जाना पड़ता है। इससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और कई बच्चों ने स्कूल जाना भी बंद कर दिया है।