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Bihar News: आरोपी ने नाबालिग से किया था गंदा काम, 6 साल बाद कोर्ट का फैसला, अब 23 साल जेल में गुजारेगा शख्स

Fri, 28 Nov 2025 08:31 PM IST
कोसी ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सुपौल

सार

Bihar : मामला सुपौल की महिला थाना से जुड़ा है। जहां शुक्रवार को सुनवाई के दौरान कोर्ट का फैसला आया। घटना के वक्त आरोपी की उम्र महज 19 वर्ष थी, जो अब 25 साल का हो चुका है। कोर्ट ने उसे 23 साल की सजा सुनाई है।
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आरोपी को जेल ले जाती पुलिस।
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विस्तार
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सुपौल के जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश षष्ठम सह विशेष न्यायाधीश पॉक्सो संतोष कुमार दूबे की कोर्ट ने नाबालिग से दुष्कर्म मामले में 25 वर्षीय एक युवक को 23 वर्ष सश्रम कारावास और एक लाख रुपए का अर्थदंड सुनाया है।

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शुक्रवार को महिला थाना कांड संख्या 22/19 (पॉक्सो वाद संख्या 21/19) की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने नाबालिग पीड़िता को बहला-फुसलाकर दुष्कर्म करने के मामले में आरोपी किशनपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत फुलवरिया निवासी 25 वर्षीय छोटू साह उर्फ छोटू कुमार को भादवि की धारा 376(2) तथा पॉक्सो की धारा 4(2) के तहत 23 वर्ष का सश्रम कारावास और 50-50 हजार रुपए का जुर्माना सुनाया।

केदार झा ने दलील पेश की
जुर्माने की यह राशि पीड़िता को देय होगी। वहीं जुर्माना राशि जमा नहीं कराने पर 6 माह का अतिरिक्त कारावास सुनाया गया है। घटना के वक्त आरोपी छोटू की उम्र महज 19 वर्ष थी।

विशेष लोक अभियोजक नीलम कुमारी ने बताया कि कोर्ट ने भादवि की धारा 341 के तहत 1 माह का साधारण कारावास और 500 रुपये जुर्माना, धारा 323 के तहत 1 साल का सश्रम कारावास और 1000 रुपए जुर्माना, धारा 504 के तहत 2 साल का सश्रम कारावास और 5000 रुपए जुर्माना, धारा 506 के तहत 2 साल का सश्रम कारावास और 5000 रुपए जुर्माना तथा धारा 509 के तहत 3 साल का सश्रम कारावास भी सुनाया है। सभी सजाएं साथ चलेंगी। मामले में बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता शंभूनाथ झा व केदार झा ने दलील पेश की।

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छह आरोपियों को कोर्ट ने किया दोषमुक्त
इससे पूर्व ट्रायल के दौरान अभियोजन की ओर से कुल 11 गवाह न्यायालय में प्रस्तुत किए गए। वहीं बचाव पक्ष की ओर से भी 4 गवाह प्रस्तुत हुए। जिसके बाद कोर्ट ने आरोपी छोटू को बीते 20 नवंबर को दोषी करार दिया था। वहीं अन्य आरोपी अमला देवी, विनोद साह, जितेंद्र साह, रवींद्र साह, रीना देवी व भूमि साह को कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त किया था।
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पीड़िता को 3.50 लाख रुपए की सहायता राशि भी दी गई है। गौरतलब है कि मामले में आरोपी छोटू ने बीते 21 अक्टूबर 2019 को न्यायालय के समक्ष आत्मसमर्पण किया था। वह बीते 02 जून 2020 को जमानत पर छूटा था।

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