मधेपुरा में इंसानियत को शर्मसार करने वाले एक बेहद संवेदनशील मामले में कोर्ट ने अपना कड़ा फैसला सुनाया है। नौ महीने की मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म करने वाले दरिंदे को अदालत ने आखिरी सांस तक जेल की सलाखों के पीछे रहने की सजा दी है। एडीजे-6 सह पोक्सो कोर्ट के जज अमित कुमार पांडेय की अदालत ने शनिवार को आरोपी को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और 50 हजार रुपये के आर्थिक दंड (जुर्माने) की सजा सुनाई। इस मामले में अभियोजन पक्ष की तरफ से पोक्सो कोर्ट के विशेष लोक अभियोजक विजय कुमार मेहता ने दमदार बहस की थी।
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पुलिस कस्टडी में कबूला जुर्म
घटना के बाद ग्रामीणों की मदद से तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। वहीं, खून से लथपथ मासूम बच्ची को परिजन आनन-फानन में इलाज के लिए मुरलीगंज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) ले गए। वहां डॉक्टरों ने बच्ची की गंभीर और नाजुक हालत को देखते हुए प्राथमिक उपचार किया और फिर बेहतर इलाज के लिए उसे तुरंत सदर अस्पताल रेफर कर दिया। दूसरी ओर, मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपी सुनील कुमार मंडल को हिरासत में ले लिया। पुलिस अभिरक्षा में जब आरोपी से कड़ाई से पूछताछ की गई, तो उसने मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म करने की बात स्वीकार कर ली।