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Bihar News: पड़ोसी ने खेल के बहाने मासूम से किया था दुष्कर्म, कोर्ट ने सुनाई उम्रकैद की सजा

Sat, 30 May 2026 05:57 PM IST
कोसी ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मधेपुरा

सार

मधेपुरा जिले के मुरलीगंज थाना क्षेत्र में साल 2018 में नौ महीने की मासूम बच्ची के साथ हुए दुष्कर्म के मामले में पोक्सो कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। एडीजे-6 अमित कुमार पांडेय की अदालत ने आरोपी सुनील मंडल (25) को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
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दोषी सुनील कुमार मंडल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मधेपुरा में इंसानियत को शर्मसार करने वाले एक बेहद संवेदनशील मामले में कोर्ट ने अपना कड़ा फैसला सुनाया है। नौ महीने की मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म करने वाले दरिंदे को अदालत ने आखिरी सांस तक जेल की सलाखों के पीछे रहने की सजा दी है। एडीजे-6 सह पोक्सो कोर्ट के जज अमित कुमार पांडेय की अदालत ने शनिवार को आरोपी को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और 50 हजार रुपये के आर्थिक दंड (जुर्माने) की सजा सुनाई। इस मामले में अभियोजन पक्ष की तरफ से पोक्सो कोर्ट के विशेष लोक अभियोजक विजय कुमार मेहता ने दमदार बहस की थी।

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खेलने के बहाने ले गया था आरोपी
यह दर्दनाक घटना करीब आठ साल पुरानी है। पीड़ित बच्ची के पिता ने 15 मई 2018 को मधेपुरा के मुरलीगंज थाने में इस संबंध में एफआईआर (FIR) दर्ज कराई थी। दर्ज मामले के अनुसार, पड़ोस में रहने वाला 25 वर्षीय सुनील मंडल उनके घर आया था। वह पीड़ित परिवार की महज नौ महीने की मासूम बेटी के साथ खेलने और उसे टहलाने के बहाने अपने साथ लेकर चला गया। परिवार को अंदाजा भी नहीं था कि पड़ोस का रहने वाला शख्स ऐसी घिनौनी हरकत कर सकता है।

बच्ची की हालत देख उड़ गए होश, ग्रामीणों ने पकड़ा
उसी दिन शाम को करीब पांच बजे आरोपी सुनील मंडल बच्ची को वापस उसके घर लेकर आया। वह मासूम को वहां छोड़कर चुपके से भागने की फिराक में था। इसी बीच परिजनों ने बच्ची के लगातार रोने की आवाज सुनी और वे भागकर उसके पास पहुंचे। जब माता-पिता ने अपनी नौ महीने की बेटी को देखा, तो उनके होश उड़ गए। मासूम बच्ची दर्द से तड़प रही थी और उसके गुप्तांग से खून बह रहा था। बच्ची की यह खौफनाक स्थिति देखकर परिजनों ने तुरंत भाग रहे आरोपी सुनील मंडल को मौके पर ही दबोच लिया। शोर-शराबा सुनकर आसपास के ग्रामीण भी भारी संख्या में वहां जुट गए और आरोपी को घेर लिया।
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पुलिस कस्टडी में कबूला जुर्म
घटना के बाद ग्रामीणों की मदद से तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। वहीं, खून से लथपथ मासूम बच्ची को परिजन आनन-फानन में इलाज के लिए मुरलीगंज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) ले गए। वहां डॉक्टरों ने बच्ची की गंभीर और नाजुक हालत को देखते हुए प्राथमिक उपचार किया और फिर बेहतर इलाज के लिए उसे तुरंत सदर अस्पताल रेफर कर दिया। दूसरी ओर, मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपी सुनील कुमार मंडल को हिरासत में ले लिया। पुलिस अभिरक्षा में जब आरोपी से कड़ाई से पूछताछ की गई, तो उसने मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म करने की बात स्वीकार कर ली।

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फांसी की सजा चाहते हैं परिजन
अदालत ने इस मामले की सुनवाई के दौरान वैज्ञानिक साक्ष्यों (scientific evidence), गवाहों के बयानों और दोनों पक्षों की दलीलों को गहराई से सुना। सभी सबूतों के आधार पर कोर्ट ने आरोपी को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। हालांकि, इस फैसले के बाद पीड़ित परिवार का कहना है कि नौ महीने की मासूम के साथ ऐसा दरिंदा व्यवहार करने वाले दोषी को फांसी की सजा मिलनी चाहिए थी।

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