पोल पर चढ़े थे दो मजदूर, बांकी तार खींच रहे थे
मृतक सुशील के चाचा शत्रुघन यादव ने सदर अस्पताल में बताया कि घटना के वक्त सुशील और श्रीलाल बिजली पोल पर चढ़ा हुआ था। जबकि अन्य चार मजदूर नीचे तार खिंच रहे थे। इसी दौरान नीचे से गुजर रही दूसरी 11 केवीए लाइन के संपर्क में तार आ गया। जिससे नई लाइन में करंट फैल गया और पोल पर चढ़े दोनों मजदूर नीचे गिर गए। जहां मौके पर ही दोनों की मौत हो गई। जबकि तार खिंच रहे चार अन्य मजदूर करंट की चपेट में आने से बुरी तरह झुलस गए।
8.50 लाख रुपए में हुआ संवेदक से समझौता
इधर, सदर अस्पताल में मौजूद ग्रामीणों ने बातचीत में बताया कि संवेदक द्वारा दोनों मृतकों के परिजनों को 8.50 लाख रुपए भुगतान का वादा किया गया है। जिसके आधार पर दोनों पक्षों में समझौता हुआ है। वही विद्युत आपूर्ति प्रमंडल सुपौल के कार्यपालक अभियंता सौरव कुमार ने बताया कि संवेदक वीटीएल कंपनी के प्रतिनिधियों से इस संदर्भ में बातचीत हुई है। सभी मृतक व घायल मजदूरों का कंपनी ने बीमा कराया हुआ है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद मजदूरों को बीमा की राशि दी जाएगी। इसकी जिम्मेवारी पूर्ण रुप से संवेदक कंपनी की है।
शट डाउन वापस देने के बाद भी काम कर रहा था संवेदक
इधर, विद्युत आपूर्ति प्रमंडल सुपौल के कार्यपालक अभियंता सौरव कुमार ने बताया कि संवेदक कंपनी वीटीएल द्वारा शुक्रवार को दिन के 11 बजे ही शट डाउन वापस कर दिया गया था। इसके बाद शट डाउन दो बार जंफर से जुड़े काम के लिए शट डाउन लिया गया। शाम करीब 04:40 बजे आखिरी बार दस मिनट के लिए शट डाउन लिया गया। बावजूद देर शाम किस प्रकार काम किया जा रहा था, यह जांच का विषय है। प्रथम दृष्टया संवेदक की लापरवाही की बात सामने आई है। मामले की जांच कर उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। हादसा शाम करीब 07 बजे हुआ है। मृतक और घायल मजदूर वीटीएल के ही कर्मी थे। वही कटैया पीसीएस की एसबीओ पूजा कुमारी ने बताया कि दोपहर 2:10 से 2:20 और फिर 4:40 से 4:50 के बीच शट डाउन लिया गया था।
घटनास्थल पर जुटी ग्रामीणों की भीड़।