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Bihar News: हाईटेंशन तार की चपेट में आए छह लोग; दो की गई जान, चार की हालत गंभीर; मेंटेनेंस के दौरान हुआ ऐसा

Sat, 01 Mar 2025 01:48 PM IST
कोसी ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सुपौल

सार

Bihar News: परिजन ने बताया कि घटना के वक्त सुशील और श्रीलाल बिजली पोल पर चढ़े हुए थे। जबकि अन्य चार मजदूर नीचे तार खींच रहे थे। इसी दौरान नीचे से गुजर रही दूसरी 11 केवीए लाइन के संपर्क में तार आ गए, जिससे नई लाइन में करंट फैल गया। पढ़ें पूरी खबर...।
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घटनास्थल पर जुटी ग्रामीणों की भीड़।
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विस्तार
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सुपौल जिले के पिपरा थाना क्षेत्र अंतर्गत जरौली बलहा गांव में शुक्रवार की देर शाम दर्दनाक हादसा हुआ। जहां हाईटेंशन तार की चपेट में आने से दो मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार अन्य गंभीर रूप से झुलस गए। घायलों का इलाज निजी अस्पताल में जारी है। मृतकों की पहचान रतौली पंचायत के जरौली वार्ड 16 निवासी बिंदेश्वरी यादव के पुत्र सुशील कुमार (25) और वार्ड 14 निवासी बोकु यादव के पुत्र श्रीलाल कुमार (26) के रूप में हुई है। हादसे के बाद पूरे गांव में मातम छा गया है। 
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इधर, हादसे के बाद संवेदक कंपनी वीटीएल की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। बिजली विभाग की एक टीम हादसे से जुड़े पहलुओं की जांच में जुट गई है। बताया जा रहा है कि इलाके में एग्रीकल्चर फीडर के हाईटेंशन तारों की रीकंडक्टिंग का कार्य चल रहा था। इसके लिए बिजली विभाग के संवेदक ने 11 केवीए तारों के ऊंचीकरण के लिए शटडाउन लिया था। मजदूरों ने नए तार लगाने का काम पूरा कर लिया था, जिसके बाद शटडाउन वापस ले लिया गया। हालांकि, नए हाईटेंशन तार को पुराने तार से जोड़ा नहीं गया था। लेकिन जैसे ही बिजली आपूर्ति शुरू हुई, पुराने हाईटेंशन तार नए तार के संपर्क में आ गए। इससे वहां काम कर रहे पांच मजदूर करंट की चपेट में आ गए। मौके पर ही दो मजदूरों की मौत हो गई, जबकि तीन झुलस गए। एक साथ दो युवकों की मौत से गांव में शोक का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने की मांग की है। वही प्रशासन मामले की जांच में जुटी है। मौके पर पहुंची पिपरा थाने की पुलिस ने शनिवार की सुबह दोनों मृतकों के शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया।


पोल पर चढ़े थे दो मजदूर, बांकी तार खींच रहे थे

मृतक सुशील के चाचा शत्रुघन यादव ने सदर अस्पताल में बताया कि घटना के वक्त सुशील और श्रीलाल बिजली पोल पर चढ़ा हुआ था। जबकि अन्य चार मजदूर नीचे तार खिंच रहे थे। इसी दौरान नीचे से गुजर रही दूसरी 11 केवीए लाइन के संपर्क में तार आ गया। जिससे नई लाइन में करंट फैल गया और पोल पर चढ़े दोनों मजदूर नीचे गिर गए। जहां मौके पर ही दोनों की मौत हो गई। जबकि तार खिंच रहे चार अन्य मजदूर करंट की चपेट में आने से बुरी तरह झुलस गए।

 

8.50 लाख रुपए में हुआ संवेदक से समझौता

इधर, सदर अस्पताल में मौजूद ग्रामीणों ने बातचीत में बताया कि संवेदक द्वारा दोनों मृतकों के परिजनों को 8.50 लाख रुपए भुगतान का वादा किया गया है। जिसके आधार पर दोनों पक्षों में समझौता हुआ है। वही विद्युत आपूर्ति प्रमंडल सुपौल के कार्यपालक अभियंता सौरव कुमार ने बताया कि संवेदक वीटीएल कंपनी के प्रतिनिधियों से इस संदर्भ में बातचीत हुई है। सभी मृतक व घायल मजदूरों का कंपनी ने बीमा कराया हुआ है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद मजदूरों को बीमा की राशि दी जाएगी। इसकी जिम्मेवारी पूर्ण रुप से संवेदक कंपनी की है।

 

शट डाउन वापस देने के बाद भी काम कर रहा था संवेदक

इधर, विद्युत आपूर्ति प्रमंडल सुपौल के कार्यपालक अभियंता सौरव कुमार ने बताया कि संवेदक कंपनी वीटीएल द्वारा शुक्रवार को दिन के 11 बजे ही शट डाउन वापस कर दिया गया था। इसके बाद शट डाउन दो बार जंफर से जुड़े काम के लिए शट डाउन लिया गया। शाम करीब 04:40 बजे आखिरी बार दस मिनट के लिए शट डाउन लिया गया। बावजूद देर शाम किस प्रकार काम किया जा रहा था, यह जांच का विषय है। प्रथम दृष्टया संवेदक की लापरवाही की बात सामने आई है। मामले की जांच कर उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। हादसा शाम करीब 07 बजे हुआ है। मृतक और घायल मजदूर वीटीएल के ही कर्मी थे। वही कटैया पीसीएस की एसबीओ पूजा कुमारी ने बताया कि दोपहर 2:10 से 2:20 और फिर 4:40 से 4:50 के बीच शट डाउन लिया गया था।

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घटनास्थल पर जुटी ग्रामीणों की भीड़।

 

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