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Bihar: वीरपुर अस्पताल में ममता बहाली को लेकर उपाधीक्षक और प्रबंधक आमने-सामने, चयन प्रक्रिया पर उठे सवाल

Tue, 13 May 2025 07:28 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सुपौल

सार

Bihar: अस्पताल प्रबंधक अविनाश कुमार ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि बहाली प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी रही है। सभी चयनित अभ्यर्थियों का चयन योग्यता और निर्धारित मानकों के आधार पर किया गया है।
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अस्पताल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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वीरपुर अनुमंडलीय अस्पताल में ममता कर्मियों की बहाली को लेकर विवाद गहरा गया है। अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. शैलेंद्र दीपक ने बहाली प्रक्रिया में अनियमितता और नियमों की अनदेखी के आरोप अस्पताल प्रबंधक अविनाश कुमार पर लगाए हैं। इसको लेकर उन्होंने वीरपुर एसडीएम नीरज कुमार और सिविल सर्जन डॉ. ललन ठाकुर से लिखित शिकायत कर बहाली को रद्द करने तथा मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। डॉ. दीपक का आरोप है कि बहाली प्रक्रिया रोगी कल्याण समिति के माध्यम से की जानी चाहिए थी, लेकिन उन्हें जानबूझकर इससे दूर रखा गया। उन्होंने कहा कि प्रबंधक ने समिति की मंजूरी के बिना ही चयन प्रक्रिया पूरी कर ली, जो नियमों के विरुद्ध है।

5 किलोमीटर के बजाय 15 किलोमीटर दूर की महिलाओं का चयन

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डॉ. दीपक ने बताया कि ममता पद पर नियुक्ति के लिए यह निर्धारित है कि चयनित महिला उम्मीदवार अस्पताल से 5 किलोमीटर की परिधि में होनी चाहिए और प्राथमिकता अनुसूचित जाति/जनजाति वर्ग की महिलाओं को दी जानी चाहिए। बावजूद इसके, अस्पताल प्रबंधक द्वारा 15 किलोमीटर दूर स्थित सरिया और भगवानपुर की महिलाओं का चयन किया गया, जो नियमों का उल्लंघन है।

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प्रबंधक ने खारिज किए आरोप, बताया पारदर्शी चयन

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वहीं, अस्पताल प्रबंधक अविनाश कुमार ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि बहाली प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी रही है। सभी चयनित अभ्यर्थियों का चयन योग्यता और निर्धारित मानकों के आधार पर किया गया है। किसी प्रकार की अनियमितता नहीं हुई है। बहाली को लेकर स्थानीय लोगों में भी असंतोष है। उनका कहना है कि जब स्थानीय और योग्य महिलाएं उपलब्ध थीं, तो दूरस्थ क्षेत्रों की महिलाओं को क्यों नियुक्त किया गया? उन्होंने चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग की है। सिविल सर्जन डॉ. ललन ठाकुर ने बताया कि मामले की शिकायत मिली है और जांच के आदेश दे दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि किसी प्रकार की गड़बड़ी पाई गई, तो संबंधित लोगों के विरुद्ध उचित कदम उठाए जाएंगे।

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