सहरसा जिला एवं सत्र न्यायालय ने पॉक्सो एक्ट में सुनाई सजा
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सहरसा जिले के सौरबाजार थानाक्षेत्र में दर्ज पॉक्सो अधिनियम के तहत कांड संख्या-131/22 में आरोपी भुवन यादव को 20 वर्ष के कठोर कारावास और 50,000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई गई है। यह सजा अपर सत्र न्यायाधीश-06 सह विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अधिनियम, कृष्ण कुमार चौधरी की अदालत ने मंगलवार को सुनाई।
जानकारी के मुताबिक, आरोपी भुवन यादव सौरबाजार थानाक्षेत्र के धोघन पट्टी गांव का निवासी है। उस पर भारतीय दंड संहिता की धारा 366ए और पॉक्सो अधिनियम की धारा 04 के तहत मुकदमा चला। अदालत ने धारा 366ए के तहत पांच वर्ष के कारावास और पॉक्सो एक्ट की धारा 04 के तहत 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा दी। साथ ही, 50,000 रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया। अर्थदंड की राशि न चुकाने पर आरोपी को तीन महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
गौरतलब है कि यह मामला 12 मार्च 2022 की घटना से जुड़ा है, जब पीड़िता अपने स्कूल में साप्ताहिक परीक्षा दे रही थी। उसी दौरान आरोपी भुवन यादव ने उसे यह कहकर बहलाया कि उसकी तबीयत ठीक नहीं लग रही है और वह उसे घर छोड़ देगा। पीड़िता उसकी मोटरसाइकिल पर बैठ गई। लेकिन आरोपी उसे घर ले जाने के बजाय एक कमरे में ले गया और वहां दो दिन तक बंधक बनाकर रखा। इस दौरान आरोपी ने चाकू और पिस्तौल का डर दिखाकर उससे दुष्कर्म किया। घटना की सूचना मिलने पर सौरबाजार थाने में मामला दर्ज किया गया, जिसकी जांच सब-इंस्पेक्टर सुशील कुमार सिंह द्वारा की गई। कांड के सूचक सब-इंस्पेक्टर संतोष कुमार सुमन थे।
इस मामले में अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक कृष्ण मुरारी प्रसाद ने पक्ष रखा। घटना के बाद लगभग तीस महीनों तक चली अदालती प्रक्रिया में सभी गवाहों और पुलिस अधिकारियों के बयान दर्ज किए गए। साक्ष्यों का गहन अवलोकन करने के बाद अदालत ने आरोपी को दोषी करार दिया और सजा सुनाई। सजा सुनाए जाने के बाद पीड़िता के परिजनों ने न्यायालय के प्रति आभार जताया और राहत की सांस ली।