फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bihar Board Result 2026: मजदूर के बेटे का कमाल, आदर्श ने 477 अंक के साथ इंटर आर्ट्स में टॉप-3 में बनाई जगह

Mon, 23 Mar 2026 07:26 PM IST
कोसी ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहरसा

सार

सहरसा जिले के सिहौल गांव के 17 वर्षीय छात्र आदर्श ने बिहार इंटरमीडिएट आर्ट्स परीक्षा 2026 में 477 अंक हासिल कर पूरे राज्य में तीसरा स्थान प्राप्त किया। उनके पिता हरियाणा के सोनीपत में मजदूरी करते हैं, लेकिन सीमित संसाधनों के बावजूद आदर्श ने मेहनत और लगन से यह सफलता हासिल की।
विज्ञापन
आदर्श - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कहते हैं कि अगर मन में कुछ कर गुजरने की सच्ची लगन हो, तो कोई भी मजबूरी या गरीबी आपके रास्ते की रुकावट नहीं बन सकती। इस बात को सच कर दिखाया है सहरसा जिले के 17 वर्षीय होनहार छात्र आदर्श ने। बिहार बोर्ड इंटरमीडिएट (आर्ट्स) परीक्षा का परिणाम घोषित होते ही सहरसा के बिहरा थाना क्षेत्र स्थित सिहौल गांव (वार्ड संख्या 13) में जश्न का माहौल है।

विज्ञापन


श्रीदुर्गा उच्च विद्यालय, सिहौल के छात्र आदर्श ने 477 अंक प्राप्त कर पूरे बिहार में तीसरा स्थान हासिल किया है। इस उपलब्धि ने न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे सहरसा जिले का नाम रोशन कर दिया है। बता दें कि राज्य में टॉप-3 में जगह बनाने वाले चार छात्रों में आदर्श ने भी संयुक्त रूप से अपनी जगह बनाई है।

पिता करते हैं मजदूरी, संघर्ष हुआ सफल

आदर्श की यह सफलता इसलिए भी खास है क्योंकि यह एक मजदूर पिता के संघर्ष की जीत है। आदर्श के पिता रंजीत कुमार झा हरियाणा के सोनीपत में मजदूरी कर परिवार का खर्च चलाते हैं। आर्थिक तंगी और सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने कभी बेटे की पढ़ाई में कमी नहीं आने दी। आज बेटे की इस सफलता से पिता का वर्षों का संघर्ष सफल हो गया है।
विज्ञापन


दिल्ली से हुई शुरुआती पढ़ाई

दो भाइयों में सबसे छोटे आदर्श की शुरुआती पढ़ाई (कक्षा 1 से 5 तक) दिल्ली में हुई थी। इसके बाद वह अपने गांव सिहौल लौट आए और श्रीदुर्गा उच्च विद्यालय में दाखिला लिया। यहीं से उन्होंने मैट्रिक और इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी कर यह मुकाम हासिल किया।
 

ये भी पढ़ें-  Bihar Board 12th Result OUT: बिहार बोर्ड 12वीं में 85.19% अभ्यर्थी पास, आर्ट्स और कॉमर्स में छात्राएं अव्वल

मां और भाई की खुशी

बेटे की इस सफलता पर मां बंटी देवी की आंखों में खुशी के आंसू आ गए। उन्होंने कहा कि आदर्श बचपन से ही पढ़ाई में बहुत तेज था और दिन-रात पढ़ाई करता था। उन्होंने बताया, “मैं अक्सर कहती थी कि बेटा थोड़ा खेल लिया करो, लेकिन वह सिर्फ पढ़ाई पर ही ध्यान देता था। आज उसकी मेहनत का फल मिला है।” वहीं, बड़े भाई शिवम झा ने भी गर्व जताते हुए कहा कि उन्हें पहले से ही विश्वास था कि आदर्श आगे बढ़ेगा। भाई की सफलता देखकर वह भी भावुक हो गए।

विज्ञापन


बधाइयों के बीच आदर्श शांत हैं और अपने भविष्य पर ध्यान दे रहे हैं। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता के संघर्ष और शिक्षकों के मार्गदर्शन को दिया है। आदर्श का कहना है कि यह तो सिर्फ शुरुआत है। वह आगे चलकर उच्च शिक्षा प्राप्त करना चाहते हैं और समाज व देश के लिए कुछ करना चाहते हैं, जिससे उनके माता-पिता को हमेशा उन पर गर्व हो।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें