कहते हैं कि अगर मन में कुछ कर गुजरने की सच्ची लगन हो, तो कोई भी मजबूरी या गरीबी आपके रास्ते की रुकावट नहीं बन सकती। इस बात को सच कर दिखाया है सहरसा जिले के 17 वर्षीय होनहार छात्र आदर्श ने। बिहार बोर्ड इंटरमीडिएट (आर्ट्स) परीक्षा का परिणाम घोषित होते ही सहरसा के बिहरा थाना क्षेत्र स्थित सिहौल गांव (वार्ड संख्या 13) में जश्न का माहौल है।
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मां और भाई की खुशी
बेटे की इस सफलता पर मां बंटी देवी की आंखों में खुशी के आंसू आ गए। उन्होंने कहा कि आदर्श बचपन से ही पढ़ाई में बहुत तेज था और दिन-रात पढ़ाई करता था। उन्होंने बताया, “मैं अक्सर कहती थी कि बेटा थोड़ा खेल लिया करो, लेकिन वह सिर्फ पढ़ाई पर ही ध्यान देता था। आज उसकी मेहनत का फल मिला है।” वहीं, बड़े भाई शिवम झा ने भी गर्व जताते हुए कहा कि उन्हें पहले से ही विश्वास था कि आदर्श आगे बढ़ेगा। भाई की सफलता देखकर वह भी भावुक हो गए।