बिहार के गांव-गांव में जेएनयू छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया की बेगुनाही के पर्चे बांटे जा रहे हैं। दो पन्ने के इस पर्चे में कन्हैया की गिरफ्तारी और उसके विचारों का वर्णन किया गया है और साथ ही बताया गया है कि कन्हैया पर लगे आरोप निराधार हैं और यह एक साजिश के अलावा कुछ भी नहीं।
बिहार के बेगूसराय से लेकर आरा, बक्सर तक के लोगों में यह पर्चा बहस का केंद्र बना हुआ है। यह पर्चा पूर्व सांसद व माध्यमिक शिक्षक संघ के नेता शत्रुघ्न प्रसाद ने जारी किया है।
शत्रुघ्न प्रसाद बेगूसराय के रहने वाले हैं और बलिया लोकसभा क्षेत्र से भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के टिकट पर एक बार सांसद भी रह चुके हैं। कन्हैया की गिरफ्तारी के बाद शत्रुघ्न कन्हैया के घर भी गए थे। ‘कन्हैया का कसूर क्या है’, नाम से बने इस पर्चे में जेएनयू और कन्हैया पर हमले के पीछे के कारण गिनाए गए हैं।
कन्हैया के आजादी वाले नारे को भी पर्चे में जगह दी गई है और पूछा गया है कि इन मसलों से आजादी इस देश में मांगना कहां गलत है। कन्हैया की बेगुनाही के बारे में बताने वाले ये पर्चे राज्य में बड़े पैमाने पर बांटे जा रहे हैं।