बिहार के नए मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने विधानसभा में विश्वास मत हासिल कर लिया। विधानसभा पेश मांझी के विश्वास मत का प्रस्ताव करीब ढाई घंटे चर्चा के बाद मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी के सदन से वाकआउट के बीच सर्वसम्मति से पारित हो गया।
मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने कहा कि भाजपा को पता नहीं यह भ्रम क्यों हो गया है कि मुझे कोई रिमोट से चलाएगा या महादलित होने के नाते मैं बहुत कमजोर मुख्यमंत्री हूं। मांझी ने कहा कि 1980 से वह छह बार विधायक और कई बार मंत्री रह चुके हैं।
भाजपा ने खड़े किए सवाल
इसके बावजूद लोग उनकी योग्यता पर सवाल खड़े कर रहे हैं। इससे पूर्व शुक्त्रस्वार को विधानसभा का विशेष सत्र दिन के 11 बजे शुरू हुआ।
विश्वास मत प्रस्ताव पर चर्चा की शुरुआत करते हुए नेता प्रतिपक्ष नंदकिशोर यादव ने कहा कि नीतीश कुमार ने लोकसभा चुनाव में मिली हार के बाद नैतिकता और सिद्धांत के नाम पर इस्तीफा दिया है, लेकिन सच्चाई यह है कि उनके सामने नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने से धर्म संकट खड़ा हो गया था।
वहीं दूसरी ओर वह पार्टी के अंदर उभर रहे विद्रोह से छुटकारा चाहते थे और साथ ही वह इस करारी हार से लोगों का ध्यान भी बांटना चाहते थे।
ओबरा विधायक की सदस्यता रद्द
विधानसभा सचिवालय ने पटना हाइकोर्ट के फैसले के मुताबिक औरंगाबाद जिले के ओबरा के विधायक सोमप्रकाश की सदस्यता खत्म कर दी है। इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दिया गया।
इसके बाद 243 सदस्यीय बिहार विधानसभा में मौजूदा सदस्यों की संख्या 236 रह गई है।
छेदी पासवान के सांसद निर्वाचित होने से कैमूर जिले की मोहनिया, राजद के तीन सदस्यों के इस्तीफा देने से खगड़िया जिले की परबत्ता, मधुबनी जिले की राजनगर व बांका और दो भाजपा विधायकों के इस्तीफा देने से दरभंगा जिले की जाले और समस्तीपुर जिले की मोहिउदीनगर विधानसभा सीट खाली हो गई है।