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बिहार: मांझी ने ब्राह्मण समुदाय को किया भोज के लिए आमंत्रित, लेकिन रखी ये शर्त, जानिए पूरा मामला

Thu, 23 Dec 2021 08:56 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

ब्राह्मणों के खिलाफ आपत्तिजनक बयान देकर चर्चा में आए जीतनराम मांझी ने अब ब्राह्मणों को अपने आवास पर भोज के लिए आमंत्रित किया है। लेकिन, इसके साथ ही उन्होंने एक शर्त भी रखी है। 
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जीतन राम मांझी - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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अपने विवादित बोल के चलते ब्राह्मण समाज के निशाने पर आए बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी ने अब इस वर्ग को साधने की कोशिश की है। उन्होंने ब्राह्मण समुदाय के लोगों को अपने घर भोजन का न्योता दिया है। लेकिन इसके साथ ही उन्होंने एक शर्त भी रखी है। मांझी ने कहा है कि इस भोज में वही ब्राह्मण शामिल हों जिन्होंने कभी मांस-मदिरा का सेवन न किया हो और न ही चोरी-डकैती में संलिप्त रहे हों। 

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मांझी ने अपने ट्वीट में लिखा, 'वैसे ब्राह्मण-पंडित जिन्होंने कभी मांस-मदिरा का सेवन नहीं किया हो, चोरी-डकैती नहीं की हो, वह 27 दिसंबर 2021 को पटना स्थित मेरे सरकारी आवास पर दोपहर 12.30 बजे आएं और दलित-आदिवासी परिवारों के साथ भोज में शामिल होकर सामाजिक एकता का परिचय दें।'18 दिसंबर को पटना में भुइयां समाज के बीच मांझी ने ब्राह्मणों के लिए आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया था।

पहले दिया था यह विवादित बयान
उन्होंने कहा था कि आज कल दलित समाज में सत्यनारायण भगवान की पूजा का चलन बहुत बढ़ गया है। जगह-जगह ब्राह्मण पूजा करवाते हैं। वो पूजा करवाते हैं लेकिन उस घर में खाना नहीं खाते। वो कहते हैं कि केवल पैसा दे दीजिए। उनके इस बयान पर विवाद बढ़ा था तो मांझी ने कहा था कि मैंने जिनकी बात की है वो ब्राह्मण हैं ही नहीं। मैं सनातन धर्म को मानता हूं और ब्राह्मणवाद का पूरी तरह विरोध करता हूं।

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