जदयू को एक बड़ी राहत मिली है। मंगलवार को पार्टी के दो बागी विधायक रेणु कुशवाहा और अन्नू शुक्ला ने पार्टी नेतृत्व के प्रति अपनी आस्था व्यक्त कर दी है।
माना जा रहा है कि कई और बागी विधायकों के तेवर नरम पड़ सकते हैं। रेणु कुशवाहा और अन्नू शुक्ला के खिलाफ जदयू ने विधानसभा सदस्यता खत्म करने की सिफारिश की थी।
इसके बाद अन्नू शुक्ला ने हाईकोर्ट जाने का निर्णय लिया था, लेकिन मंगलवार को अन्नू शुक्ला अपना पक्ष रखने को विधानसभा अध्यक्ष उदय नारायण चौधरी से मिलने पहुंची।
उन्होंने कहा है कि नीतीश उनके नेता हैं और वह जैसा कहेंगे वैसा ही होगा। ऐसी ही राय रेणु कुशवाहा ने भी व्यक्त की है। जदयू ने लोकसभा चुनाव में दल विरोधी गतिविधियों की वजह से चार विधायकों डॉ. रेणु कुशवाहा, पूनम देवी यादव, सुजाता देवी और अन्नू शुक्ला पर कार्रवाई का मन बनाया था।
डॉ. रेणु कुशवाहा ने जदयू की विधायक रहते हुए पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव के खिलाफ चुनाव प्रचार किया। वहीं अन्नू शुक्ला वैशाली लोकसभा सीट पर जदयू के उम्मीदवार के ही खिलाफ चुनाव लड़ गई।