जिउतिया महोत्सव का उद्घाटन करते सांसद महाबली सिंह, प्रस्तुति देते लोक कलाकर तथा दर्शक
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बिहार के औरंगाबाद के दाउदनगर में शनिवार रात काराकाट सांसद महाबली सिंह ने ऐतिहासिक जिउतिया महोत्सव प्रतियोगिता का उद्घटान किया। इस दौरान उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि दाउदनगर का जिउतिया महोत्सव जो ऐतिहासिक महोत्सव है। वाकई में इस तरह का महोत्सव पूरे देश में कहीं नहीं मनाया जाता है। यह महोत्सव अद्वितीय है। यहां के कलाकारों द्वारा जो कला की प्रस्तुति दी जाती है, वह अकल्पनीय है। इसलिए इस ऐतिहासिक धरोहर को हम विलुप्त नहीं होने देंगे।
इसके बाद सांसद महाबली सिंह ने कहा कि इसके लिए मैं वादा करता हूं कि बिहार सरकार के सदन में इस प्रस्ताव को रखकर दाउदनगर के ऐतिहासिक जिउतिया महोत्सव को राजकीय महोत्सव का दर्जा दिलवाने का प्रयास करूंगा। उन्होंने यह भी कहा कि हम वादा तो नहीं करते हैं। लेकिन मेरा भरपूर प्रयास होगा कि दाउदनगर के जिउतिया महोत्सव को राजकीय महोत्सव का दर्जा मिले।
सांसद के संबोधन के बाद स्थानीय कलाकारों के द्वारा इस प्रतियोगिता में भाग लेकर विभिन्न प्रकार की नकलों की प्रस्तुति की गई। इस साहसिक और रोमांचक नकलों की प्रस्तुति में पारंपरिक से लेकर सम-सामयिक विषयों पर स्वांग कला का प्रदर्शन किया गया। सभी आयोजन मंचों पर नकल प्रतिभागियों ने पहुंचकर नकलों की प्रस्तुति की। स्थानीय लोक कलाकारों द्वारा विभिन्न विषयों पर नकलों की प्रस्तुति की।
चाकू धारी, दम मदाड़ जैसे पारंपरिक नकलों की भी प्रस्तुति की गई। टीम यूनिटी द्वारा पेशवा बाजीराव की कहानी, कैलाश मिस्त्री द्वारा दम मदाड़ की प्रस्तुति, राहुल कुमार द्वारा नृत्य, किशोरी पासवान द्वारा झूमर, अजय न्यू क्लब द्वारा डॉक्टर बिटिया और मनीष कुमार द्वारा राधा कृष्ण की झांकी प्रस्तुति की गई। वहीं, दुर्गा गोस्वामी द्वारा दम मदाड़ और डोमन चौधरी द्वारा प्रधानमंत्री मोदी की नकल, जीआरपी क्रू द्वारा शिव तांडव की प्रस्तुति की गई। इसके अलावा अन्य स्थानीय लोक कलाकारों द्वारा विभिन्न प्रकार की नकलों की प्रस्तुति की गई, जिसका आंनद हजारों की तादाद में जुटे दर्शकों ने उठाया।