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नीतीश को लगा झटका, जदयू विधायक ने थामा भाजपा का दामन

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बिहार में उम्मीदवार चयन का मामला अंतिम दौर में पहुंचने के साथ ही नेताओं के पाला बदलने का दौर भी जारी है। दोनों ही मुख्य गठबंधनों के नेता अंतिम दौर में पाला बदलकर टिकट के लिए एक-दूसरे का दामन थाम रहे हैं।
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इस कवायद में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को गहरा झटका लगा है। राघोपुर से जेडीयू विधायक सतीश कुमार ने शनिवार को भाजपा का दामन थाम लिया।

2010 के चुनाव में सतीश ने राजद प्रमुख लालू यादव की पत्नी राबड़ी देवी को हराया था। अब वह राघोपुर में भाजपा का झंडा बुलंद करेंगे। इससे दो दिन पहले भाजपा के बागी पीरपैंती से विधायक अमन पासवान ने नीतीश से मुलाकात कर भगवा दल को झटका दिया था।

मगर भाजपा ने दो दिन के भीतर ही सतीश को अपने पाले में खींच कर नीतीश से हिसाब बराबर किया है। पार्टी मुख्यालय में महासचिव अरुण सिंह, सचिव श्रीकांत शर्मा और सांसद नित्यानंद राय की उपस्थिति में भाजपा की सदस्यता ग्रहण करने वाले सतीश ने नीतीश पर मनमर्जी करने का आरोप लगाते हुए पीएम मोदी की तारीफ भी की है।
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उन्होंने कहा कि वह बिहार के विकास के लिए भाजपा में शामिल हुए हैं। उनके पार्टी में शामिल होने के फैसले का स्वागत करते हुए भाजपा के राष्ट्रीय सचिव श्रीकांत शर्मा ने कहा है पीएम मोदी के जरिए देश में किए जा रहे विकास के प्रयास से प्रभावित होकर लोग भाजपा और राजग में शामिल होने के लिए आ रहे हैं।

पासवान के दामाद ने की बगावत

लोजपा अध्यक्ष रामविलास पासवान ने अपनी जाति को भरसक टिकट देने की कोशिश की, लेकिन इसके बावजूद टिकट मिलने से वंचित रह गए उनके दामाद अनिल कुमार साधु ने शनिवार को पार्टी से बगावत कर दी।

उन्होंने घोषणा की है कि सभी जिलों में एनडीए को हराने के लिए वह दलित सेना के उम्मीदवारों को खड़ा करेंगे। दरअसल, साधु औरंगाबाद जिले की आरक्षित सीट से टिकट चाहते थे।

लेकिन यह सीट मांझी के बेटे को दे दी गई। टिकट न मिलने से नाराज दलित सेना के अध्यक्ष अनिल कुमार ने तत्काल इसके जिला अध्यक्षों की इमरजेंसी मीटिंग बुलाकर रविवार को रामविलास पासवान का पुतला फूंकने का निर्णय लिया।

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मांझी ने भाजपा को सौंपी अपने पांच उम्मीदवारों की सूची

पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी ने अपने उन 5 उम्मीदवारों के नाम की सूची भाजपा को सौंप दी है। समझौते के मुताबिक ये सभी भाजपा के चुनाव निशान पर लडे़गे।

मांझी के जरिए भेजे गए 5 नामों में नीतीश मिश्रा, अजय प्रताप, सुमित प्रताप, राजू सिंह और विनय बिहारी के नाम शामिल हैं। भाजपा ने सीट बंटवारे के वक्त मांझी को 20 सीट दिया था। साथ ही उनसे कहा गया था कि उनके 5 उम्मीदवारों को भाजपा अपने निशान पर चुनाव लड़ाएगी।

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