शिक्षा विभाग के अपर सचिव केके पाठक
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अपर मुख्य सचिव केके पाठक के अनुमोदन के साथ शिक्षा विभाग ने रविवार-त्योहार समेत तमाम छुट्टियों को अगले आदेश तक रद्द रखने की घोषणा की है। शिक्षा विभाग की ओर से जारी यह आदेश बुधवार 18 अक्टूबर से लागू हो गया है और यह दो नवंबर को मुख्यमंत्री के गांधी मैदान वाले कार्यक्रम तक संभवत: लागू रहे, हालांकि अगले आदेश तक छुट्टी रद्द रहने की जानकारी दी गई है। शिक्षा विभाग ने इस बार आदेश के साथ जो कारण बताया है और छुट्टी को रद्द करने का जो दायरा रखा है, उससे इसके प्रभावी रह जाने के आसार हैं। मतलब, अवकाश में कटौती के पुराने फरमानों की तरह इसे रद्द किए जाने के आसार कम हैं।
क्या लिखा है पत्र में
केके पाठक ने सभी डीएम को पत्र जारी करते हुए यह आदेश किया है कि 18 अक्टूबर से अगले आदेश तक शिक्षा विभाग के सभी जिला स्तरीय और प्रखंड स्तरीय सभी पदाधिकारी के कर्मियों की छुट्टी रद्द किया जाता है। पत्र में लिखा है कि बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा विद्यालय अध्यापक परीक्षा का परिणाम दिनांक 17 अक्टूबर को घोषित हो चुका है। इसलिए चरणबद्ध तरीके से लगभग 1 लाख से अधिक शिक्षकों की काउंसलिंग शिक्षा विभाग को करनी है। ऐसी स्थिति को देखते हुए दिनांक 18 अक्टूबर से अगले आदेश तक शिक्षा विभाग के मुख्यालय में घोषित सभी अवकाश के दिन एवं रविवार को सभी कार्यालय खुले रहेंगे।
दुर्गापूजा छुट्टी रद्द करने को लेकर पहले भी आया था आदेश
गया जिले में होने वाले शिक्षकों के विशेष परीक्षण कार्यक्रम में शामिल होने के लिए शिक्षकों के लिए दशहरा की सारी छुट्टियों को रद्द कर दिया गया था। सरकार के द्वारा जारी किए गये पत्र के अनुसार दशहरा के समय शिक्षकों के विशेष परीक्षण कार्यक्रम में शामिल होने को अनिवार्य किया गया जिसका शिक्षकों और शिक्षक संघों ने जबरदस्त विरोध किया। इस मुद्दे पर भाजपा भी मजा लेने लगी। अब बिहार सरलकर अपनी फजीहत होती देख उस आदेश को तुरंत वापस ले लिया। राज्य शिक्षा शोध प्रशिक्षण परिषद द्वारा जारी आदेश में कहा कि 16 से 21 अक्टूबर तक शिक्षकों के प्रशिक्षण कार्यक्रम को 17 अक्टूबर से स्थगित कर दिया गया है। अब अगले आदेश में बताया जाएगा कि कब से शिक्षकों का प्रशिक्षण कार्यक्रम से होगा। इस तरह सरकार वापस अपने बैकफुट पर आ गई थी।