चुनाव प्रचार करते लोजपा प्रत्याशी मुन्ना किन्नर।
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बिहार विधानसभा चुनाव के इतिहास में पहली बार किसी राजनीतिक दल ने किन्नर प्रत्याशी को मैदान में उतारा है। दरअसल, सारण जिले के हथुआ विधानसभा क्षेत्र से चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी ने राम दर्शन प्रसाद उर्फ मुन्ना किन्नर को उम्मीदवार बनाया है और उनका सीधा मुकाबला जदयू प्रत्याशी रामसेवक सिंह है, जो राज्य सरकार में समाज कल्याण मंत्री हैं। अगर मुन्ना किन्नर चुनाव जीत जाते हैं तो बिहार के इतिहास में यह पहला मौका होगा, जब कोई किन्नर विधायक बनेगा।
मीरगंज से पार्षद हैं मुन्ना किन्नर
आपको बता दें कि मुन्ना किन्नर मीरगंज से जिला पार्षद हैं। इससे पहले उन्होंने साल 2006 में भी जिला पार्षद का चुनाव लड़ा था, लेकिन भाजपा के चंद्रमोहन राय से महज 17 वोटों से हार गए थे। इसके बाद उन्होंने साल 2012 में फुलवरिया से किस्मत आजमाई और मीरगंज से पार्षद बन गए। अहम बात यह है कि फुलवरिया राजद प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद का पैतृक गांव है।
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इन कद्दावरों से है मुकाबला
चुनाव में मुन्ना किन्नर का मुकाबला राज्य सरकार में समाज कल्याण विभाग मंत्री और जदयू उम्मीदवार रामसेवक सिंह से है। इसके अलावा उनके निशाने पर महागठबंधन से राजद प्रत्याशी राजेश सिंह कुशवाहा समेत 13 अन्य दल और निर्दलीय प्रत्याशी हैं।
अनोखा है मुन्ना किन्नर का प्रचार का तरीका
जानकारी के मुताबिक, लगभग दो दशक से सक्रिय राजनीति करने वाले मुन्ना किन्नर का चुनाव प्रचार का अंदाज भी निराला है। वह क्षेत्र की जनता से मिलते हैं और बड़े-बुजुर्गों के पांव छूते हैं। इसके बाद उनसे चुनाव जीतने का आशीर्वाद मांगते हैं। मुन्ना किन्नर का वादा है कि अगर वह चुनाव जीते तो अपनी पूरी तनख्वाह जनता के कल्याण में खर्च करेंगे। साथ ही, जिले में अस्पताल और बेसहारा-अनाथों के लिए आश्रय स्थल बनवाएंगे।
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शबनम मौसी से प्रभावित हैं मुन्ना
मुन्ना बताते हैं कि वह मध्य प्रदेश के शाहडोल जिले के सोहागपुर विधानसभा क्षेत्र से वर्ष 2000 में निर्दलीय विधायक बनीं शबनम मौसी से काफी प्रभावित हैं।