बेगूसराय पहुंचे लोजपा (रामविलास) प्रमुख चिराग पासवान ने फिर हाजीपुर और जमुई सीट को लेकर अपना संकल्प बरकरार रखा। हालांकि उन्होंने साफ तौर पर यह नहीं कहा कि चिराग पासवान हाजीपुर से चुनाव लड़ेंगे या फिर जमुई से। लेकिन उन्होंने कहा कि लोजपा संसदीय बोर्ड के निर्णय के आलोक में चुनाव में प्रत्याशी देने की बात की जाएगी। हालांकि उन्होंने अपनी मां के संबंध में भी यह कहा कि उनकी मां भी हाजीपुर सीट से चुनाव लड़ सकती हैं। लेकिन यह सारी बातें संसदीय बोर्ड की बैठक के बाद स्पष्ट की जाएंगी।
‘सीट बंटवारे को लेकर खींचातानी शुरू’
वहीं, चिराग पासवान ने ‘इंडिया’ लेकर को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि आज इंडी गठबंधन में सब कुछ ठीक-ठाक होने का दावा किया जा रहा है। लेकिन जिस तरह से बातें सामने आ रही है उससे ऐसा लग नहीं रहा। पासवान ने कहा कि अगर देखा जाए तो बंगाल की ममता बनर्जी को इंडी गठबंधन में दो सीट मिल रही हैं तो वहीं बिहार में भी सीट बंटवारे को लेकर खींचातानी शुरू है। ऐसे में यह कयास लगाया जा सकता है कि इंडी गठबंधन कितने दिन चल पाएगा, इस पर संशय बना हुआ है।
‘सनातन-राम पर बयान देना सिर्फ एजेंडा’
वहीं, चिराग ने प्रदेश के शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर की ओर से लगातार सनातन और राम पर दिए जा रहे बयान पर भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि आज इन लोगों का सिर्फ यह एजेंडा बन चुका है। यह लोग लगातार सनातन का विरोध कर रहे हैं तो वहीं दूसरी ओर राम रामायण सहित अन्य पवित्र ग्रंथों का अपमान करने से भी बाज नहीं आ रहे।
दरअसल, चिराग पासवान सोमवार को बछवाड़ा प्रखंड क्षेत्र के अरवा पहुंचे थे। जहां उन्होंने अग्निकांड में एक पूरे परिवार के जलने के बाद उनके परिजनों से मुलाकात की। जानकारी के मुताबिक, एक जनवरी को बछवाड़ा प्रखंड के अरवा पंचायत में रामकुमार पासवान के बेटे नीरज पासवान, उनकी पत्नी कविता देवी और दो बच्चों लव तथा कुश की जलकर मौत हो गई थी।
‘वर्तमान सरकार जात-पात की राजनीति करने में व्यस्त’
चिराग ने यहां राज्य सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि आज स्थिति यह है कि 120 परिवारों को बासगीत पर्चा जिला प्रशासन एवं बिहार सरकार के द्वारा नहीं दिया गया है। जबकि लगातार इन लोगों के द्वारा मांग की गई थी। बासगीत पर्चा न मिलने की वजह से इन्हें प्रधानमंत्री आवास जैसी योजनाओं का भी लाभ नहीं मिल रहा है। अगर आज प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ पीड़ित परिवारों को मिला होता तो शायद यह बड़ा हादसा नहीं हो सकता था।
उन्होंने बिहार सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि वर्तमान सरकार जात-पात की राजनीति करने में व्यस्त है। खासकर महा दलित समुदाय के लोग बिहार सरकार के निशाने पर हैं। लगातार महा दलित समुदाय का बिहार सरकार के द्वारा अपमान भी किया जा रहा है और उन्हें सुविधाओं से भी वंचित रखा जा रहा है।