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बिहार: गोपालगंज के इस बैंक में 2.98 करोड़ रुपये का गबन, तीन कर्मियों की सेवा समाप्त; चार का किया गया डिमोशन

Mon, 12 Oct 2026 09:16 PM IST
तरुणेंद्र कुमार चतुर्वेदी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोपालगंज

सार

बिहार के गोपालगंज सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक की भोरे शाखा में 2.98 करोड़ रुपये के गबन मामले में बैंक प्रबंधन ने सख्त कार्रवाई की है। निदेशक मंडल ने तीन निलंबित कर्मियों की सेवा समाप्त करने का फैसला लिया है।
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गबन मामले में बैंक प्रबंधन ने सख्त कार्रवाई की है - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बिहार के गोपालगंज सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक की भोरे शाखा में 2.98 करोड़ रुपये के गबन मामले में बैंक प्रबंधन ने कड़ी कार्रवाई की है। निदेशक मंडल की बैठक में तीन निलंबित कर्मियों की सेवा समाप्त करने का बड़ा निर्णय लिया गया।
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इसके साथ ही चार अन्य कर्मियों को डिमोट कर लिपिक पद से हटाकर अनुसेवक बनाने और एक महीने के भीतर उनकी आईडी से निकाली गई गबन की राशि जमा करने का निर्देश दिया गया। तय सीमा में राशि जमा न करने पर इन चार कर्मियों की सेवा भी समाप्त कर दी जाएगी। इसके अतिरिक्त बैंक प्रबंधन गबन की पूरी राशि की वसूली के लिए प्राथमिकी दर्ज कराने और अदालत में वाद दायर करने की वैधानिक कार्रवाई भी करेगा।

विस्तृत सुनवाई के बाद फैसला
यह सख्त फैसला बैंक की धोखाधड़ी एवं जोखिम प्रबंधन समिति की अनुशंसा, विभिन्न चरणों में हुई विस्तृत सुनवाई और मानव संसाधन विशेषज्ञ की राय के आधार पर लिया गया। भोरे शाखा में करोड़ों रुपये का यह गबन वर्ष 2022-23 के दौरान हुआ था, जिसका खुलासा वर्ष 2023-24 में हुआ था। मामला सामने आने पर बैंक ने संबंधित कर्मियों को निलंबित कर अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रारंभ की थी। सेवा समाप्ति के दायरे में आए कर्मियों में पूर्व शाखा प्रबंधक चौधरी संजय कुमार, रामाकांत, संजीव कुमार और अमित कुमार झा के नाम शामिल हैं। दूसरी ओर सोहैल अहमद, सुमित कुमार, कुमार वरुण और नीतीश कुमार को अनुसेवक पद पर डिमोट किया गया है।
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गबन पर सख्त फैसला और वसूली की तैयारी
सोमवार को बैंक सभागार में अध्यक्ष महेश राय की अध्यक्षता में निदेशक मंडल की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में प्रबंध निदेशक सुमन कुमार सिंह ने 30 सितंबर तक का अर्धवार्षिक वित्तीय चिट्ठा प्रस्तुत किया। बैठक में बैंक जमा में बढ़ोतरी, ऋण वितरण, एनपीए की वसूली, किसान क्रेडिट कार्ड ऋण वितरण एवं नवीनीकरण, रबी 2026-27 की फसल बीमा योजना और नए खातों की अद्यतन स्थिति की व्यापक समीक्षा की गई। वित्तीय वर्ष 2026-27 के निर्धारित लक्ष्यों को समय पर पूरा करने के लिए जरूरी रणनीतियों पर भी विमर्श किया गया।

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प्रबंधन ने आगामी 100 दिनों के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार कर अधिक से अधिक ऋण वितरण करने पर जोर दिया। छोटे कारोबारियों को माइक्रो लोन उपलब्ध कराने और किसानों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने के उद्देश्य से कृषि एवं सहायक गतिविधियों के लिए ऋण देने का निर्णय लिया गया। साथ ही नाबार्ड के दिशा-निर्देशों पर बैंक की आर्थिक गतिविधियों को गति देने के लिए तैयार तीन वर्षीय टर्नअराउंड प्लान की 30 सितंबर तक की प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा की गई।
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