बोधगया के महाबोधि मंदिर के समीप धरना प्रदर्शन करते तिब्बत के लोग
विश्व धरोहर महाबोधि मंदिर के बाहर मंगलवार को तिब्बती समुदाय ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में खासकर तिब्बती महिलाएं इस प्रदर्शन में शामिल हुईं। उनके हाथों में तिब्बत के समर्थन और चीन के विरोध से जुड़े पोस्टर थे। प्रदर्शन के दौरान तिब्बती समुदाय ने तिब्बत के मुद्दे को एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाने की मांग की।
मानवाधिकारों को लेकर जताई चिंता
प्रदर्शन में शामिल लोगों का कहना था कि तिब्बत में लंबे समय से मानवाधिकारों के कथित उल्लंघन हो रहे हैं। उनका आरोप है कि वहां के लोगों को कई तरह की परेशानियों और दमन का सामना करना पड़ रहा है। प्रदर्शनकारियों ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस मुद्दे पर गंभीरता से ध्यान देने और शांतिपूर्ण समाधान के लिए पहल करने की अपील की।
भारत सरकार से की बड़ी मांग
तिब्बती समुदाय ने भारत सरकार से तिब्बत के मुद्दे पर अधिक सक्रिय और प्रभावी भूमिका निभाने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि भारत ने वर्षों से तिब्बती समुदाय को शरण और सहयोग देकर मानवीय मूल्यों का परिचय दिया है। उनका मानना है कि तिब्बत में शांति और स्थिरता पूरे क्षेत्र के लिए भी अहम है।
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श्रद्धालुओं और पर्यटकों का भी गया ध्यान
प्रदर्शन के दौरान महाबोधि मंदिर पहुंचे देश-विदेश के श्रद्धालु और पर्यटक भी कुछ देर रुककर पोस्टर और संदेश पढ़ते नजर आए। हालांकि पूरे कार्यक्रम के दौरान कहीं भी अव्यवस्था की स्थिति नहीं बनी और प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा।
संयुक्त राष्ट्र से भी की अपील
प्रदर्शन के अंत में तिब्बती समुदाय ने संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से भी तिब्बत के मुद्दे पर संवेदनशीलता दिखाने और शांतिपूर्ण समाधान के लिए प्रभावी पहल करने की अपील की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे किसी तरह की हिंसा नहीं, बल्कि बातचीत और न्यायपूर्ण समाधान चाहते हैं। बोधगया में हुआ यह प्रदर्शन एक बार फिर तिब्बत के मुद्दे को चर्चा के केंद्र में ले आया।