मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम की नगरी अयोध्या में नवनिर्मित भव्य मंदिर में रामलला के विराजमान होते ही शहर से लेकर गांव तक रामभक्ति की गंगा-यमुना बह रही है। औरंगाबाद में भी शहर से लेकर हर गांव राममय हो गया। शहर और गांव की गलियों में जय श्रीराम का जयघोष गूंज उठा। हर मंदिर में आकर्षक तरीके से सजे-धजे हैं। मंदिरों में भक्तों का सैलाब सा उमड़ा हुआ है। सभी मंदिर हवन, कीर्तन और वैदिक मंत्रों से गुंजायमान हो रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक, औरंगाबाद में कहीं राम कथा हो रही है, कहीं सुंदरकांड का पाठ हो रहा है तो कहीं रामचरित मानस का पाठ हो रहा है। कहीं जागरण हो रहा है, कहीं कीर्तन हो रहा है तो कहीं भगवान को भोग लग रहा है और प्रसाद बंट रहा है। गाजे-बाजे, ढ़ोल-नगाड़े के साथ राम, लक्ष्मण, जानकी और हनुमान की झांकी के साथ भव्य और आकर्षक जुलूस निकाले जा रहे हैं। जगह-जगह जुलूस में हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी है। रामभक्त जोश में हैं।
एहतियात के तौर पर सर्वत्र सुरक्षा के चाक-चौबंद प्रबंध किए गए हैं। चप्पे-चप्पे पर दंडाधिकारियों के नेतृत्व में पुलिस बल तैनात है। संघ परिवार से जुड़े संगठनों के नेता-कार्यकर्ता भी मंदिरों में पूजा-अर्चना करते और भव्य शोभा यात्रा और जुलूस में शामिल दिखे। जुलूस में कई जगह मुस्लिम समुदाय के लोग भी दिल खोलकर शामिल नजर आए। वहीं, स्थानीय बीजेपी सांसद सुशील कुमार सिंह के आवास पर रामकथा पाठ का आयोजन हुआ, जिसमें सैकड़ों भाजपा कार्यकर्ता और नगरवासी शामिल हुए। साथ ही शहर के पंचदेव मंदिर में भी भाजपा के युवा नेता और रेडक्रॉस के चेयरमैन सतीश कुमार सिंह के नेतृत्व में विशेष पूजा-अर्चना आयोजित हुई, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालु और भक्तों ने भाग लिया।
वहीं, भाजपा के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य गोपाल शरण सिंह औरंगाबाद सदर प्रखंड के नौगढ़ और जम्होर स्थित रामजानकी ठाकुरबाड़ी में आयोजित विशेष-पूजा अर्चना में शामिल हुए। भक्ति भाव से उन्होंने षोडशोपचार तरीके से रामजानकी की पूजा-अर्चना की।
पूजा-अर्चना के बाद उन्होंने कहा कि पांच सौ साल के लंबे इंतजार के बाद यह शुभ घड़ी आई है। जब रामलला अपनी जन्मभूमि में स्थित भव्य मंदिर में विराजमान हुए हैं। यह ऐतिहासिक क्षण है। हम सनातनियों के लिए गौरव का पल है। रामलला के विराजमान होने से हम सभी सनातनी गौरवान्वित है। आज हम सब खुद को हिंदू और सनातनी कहने में गर्व करने का अनुभव कर रहे हैं। यह सब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूर और दिव्य दृष्टि तथा कुशल नेतृत्व से संभव हो सका है। मोदी है तो मुमकिन है। आने वाले दिनों में मोदी जी के नेतृत्व में भारत विश्वगुरु बनेगा। आशय यह कि रामलला के विराजमान होने पर सर्वत्र श्रीराम भक्ति की अलौकिक धार्मिक और आध्यात्मिक छटा बिखर रही है।