बिहार के औरंगाबाद की पुलिस ने व्यवसायी को अगवा कर एक लाख रुपये लूटने के मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस की वर्दी पहनकर लूटपाट करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। मामले में पुलिस ने गिरोह के सरगना समेत चार अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, गिरोह के सदस्य बिहार ग्रामीण रक्षा दल की खाकी वर्दी पहनकर लोगों पर धौंस जमाते और लूटपाट व अवैध वसूली जैसी गतिविधियों को अंजाम देते थे।
30 हजार नकद और 70 हजार रुपये यूपीआई से लूटे
इसके बाद अपराधियों ने व्यवसायी को एनएच-19 पर बारुण थाना क्षेत्र के सनथुआ स्थित पेट्रोल पंप के पास छोड़ दिया और फरार हो गए। इसके बाद पीड़ित ने औरंगाबाद नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की, जिसके बाद उसे यह सफलता मिली।
इंटेलिजेंस की मदद से अपराधियों तक पहुंची पुलिस
नगर थानाध्यक्ष ने बताया कि पुलिस सीसीटीवी फुटेज और ह्यूमन इंटेलिजेंस की मदद से अपराधियों तक पहुंची। गिरोह के बारे में सटीक जानकारी मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सरगना समेत चार अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने अपराधियों के पास से बिहार ग्रामीण रक्षा दल लिखा हुआ वर्दी के दो सेट, टोपी और पांच मोबाइल फोन बरामद किए हैं। साथ ही, गिरफ्तार अपराधियों की निशानदेही पर व्यवसायी को अगवा कर लूटपाट में इस्तेमाल की गई अर्टिगा कार को अंबा बाजार से बरामद किया गया है।
गिरफ्तार अपराधियों में ये हैं शामिल
गिरफ्तार आरोपियों में ललन कुमार निबंधन कार्यालय में कार्यालय परिचारी के पद पर कार्यरत है, जबकि लकेश कुमार पेशे से चालक है। पुलिस के अनुसार, सभी आरोपी बिहार ग्रामीण रक्षा दल से जुड़े हैं और वर्दी का रौब दिखाकर लोगों से अवैध वसूली करते थे।
अपराधियों का नेटवर्क खंगाल रही पुलिस
थानाध्यक्ष ने बताया कि पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि वारदात को अंजाम देने की साजिश कैसे रची गई और यूपीआई के जरिए ट्रांसफर कराई गई रकम किन-किन खातों में गई। इसके अलावा, पुलिस यह भी जांच कर रही है कि वारदात में अन्य अपराधी शामिल थे या नहीं। पुलिस को आशंका है कि गिरोह के अन्य सदस्य भी अलग-अलग स्थानों पर इसी तरीके से लूटपाट की वारदातों को अंजाम देने में संलिप्त हो सकते हैं। इस लिहाज से पुलिस पूरे गिरोह का नेटवर्क खंगालने के साथ ही गिरफ्तार आरोपियों का आपराधिक इतिहास भी पता लगा रही है। मामले में चारों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
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औरंगाबाद में पहले भी फर्जी आईपीएस बनकर अवैध वसूली कर चुके हैं अपराधी
गौरतलब है कि औरंगाबाद में फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर अवैध वसूली का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले 13 सितंबर को औरंगाबाद नगर थाने की पुलिस ने फर्जी प्रशिक्षु आईपीएस बनकर अवैध वसूली करने के आरोप में तीन अपराधियों को गिरफ्तार किया था। उस मामले में पुलिस ने फर्जी आईपीएस बने गया जिले के टिकारी थाना क्षेत्र के अर्क ढिबरिया गांव निवासी विकास कुमार, उसके चालक पिंटू कुमार और फर्जी अंगरक्षक कुंदन कुमार को पकड़ा था। इन आरोपियों ने नगर थाने की पुलिस को झांसे में लेकर अपना एस्कॉर्ट भी करवाया था। उनके पास से पुलिस ने स्कॉर्पियो, फर्जी पहचान पत्र और अन्य कागजात भी बरामद किए थे।