गया स्थित मगध प्रक्षेत्र के नए आईजी ने पदभार संभालते ही पुलिस व्यवस्था को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने साफ कहा है कि एफआईआर दर्ज नहीं करने, अपराध की गंभीरता कम दिखाने, अवैध वसूली और शिकायतों के निष्पक्ष निपटारे में लापरवाही बरतने वाले थाना प्रभारियों पर तुरंत निलंबन की कार्रवाई होगी।
गया स्थित मगध प्रक्षेत्र के नए पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) विकास वैभव ने पदभार संभालते ही पुलिस व्यवस्था को लेकर सख्त रुख अपनाया है। करीब छह साल बाद दोबारा फील्ड पुलिसिंग में लौटे आईजी ने साफ शब्दों में कहा है कि कानून के शासन से किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी है कि एफआईआर दर्ज नहीं करने, अपराध की गंभीरता कम दिखाने, अवैध वसूली करने और शिकायतों के निष्पक्ष निपटारे में लापरवाही बरतने वाले थाना प्रभारियों पर तत्काल निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।
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कानून के पालन में नहीं चलेगा पक्षपात
आईजी ने अपने संदेश में कहा कि पुलिस की पहली जिम्मेदारी कानून को पूरी निष्पक्षता और बिना किसी डर या पक्षपात के लागू करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी थाना प्रभारी की भूमिका प्रथम दृष्टया संदिग्ध पाई जाती है तो संबंधित अधिकारी को तुरंत निलंबित कर विभागीय कार्रवाई शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि जनता को गुमराह करना, अपराध की जानकारी समय पर वरीय अधिकारियों तक नहीं पहुंचाना और पुलिसकर्मियों द्वारा अवैध वसूली जैसे मामलों में “जीरो टॉलरेंस” नीति अपनाई जाएगी।
अपराध नियंत्रण पर रहेगा विशेष फोकस
मगध प्रक्षेत्र में अपराध नियंत्रण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आईजी ने विशेष रूप से संपत्ति संबंधी अपराधों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही रात्रि गश्ती को मजबूत करने, भूमि विवादों में निष्पक्ष पुलिस कार्रवाई सुनिश्चित करने, लंबित मामलों का तेजी से निष्पादन करने और अतिक्रमण व यातायात समस्याओं के समाधान पर भी जोर दिया गया है।
अवैध शराब और सड़क जाम पर भी सख्ती
आईजी ने अवैध शराब कारोबार और गैरकानूनी सड़क जाम के खिलाफ भी कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने साफ कहा कि सड़क जाम करने वालों के खिलाफ हर हाल में प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।
हर थाने में बनेगा सीनियर सिटिजंस सेल
सामुदायिक पुलिसिंग को मजबूत करने के लिए आईजी ने हर थाना में “सीनियर सिटिजंस सेल” बनाने का निर्देश दिया है। इसका उद्देश्य बुजुर्गों की समस्याओं का नियमित समाधान करना होगा। इसके अलावा प्रत्येक महीने के पहले शनिवार को थाना क्षेत्र के सार्वजनिक स्थानों पर “जनता-पुलिस संवाद कार्यक्रम” आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में आम लोग अपनी शिकायतें और सुझाव सीधे पुलिस अधिकारियों के सामने रख सकेंगे।
आईजी ने कहा कि पुलिस थानों का रात के समय औचक निरीक्षण किया जाएगा। लॉकअप की जांच कर यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कहीं कोई अवैध हिरासत या अवैध वसूली जैसी गतिविधि तो नहीं चल रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस बल की कार्यक्षमता बढ़ाने के साथ-साथ जवानों के कल्याण और मनोबल को मजबूत करने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। नए आईजी के इस सख्त और स्पष्ट संदेश के बाद मगध प्रक्षेत्र के पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है। वहीं आम लोगों के बीच भी उम्मीद जगी है कि अब पुलिस व्यवस्था में जवाबदेही बढ़ेगी और शिकायतों पर त्वरित एवं निष्पक्ष कार्रवाई देखने को मिलेगी।