वादी ने अपनी करतूत छिपाने के लिए करवाई थी फर्जी घटना की एफआईआर
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बिहार के नवादा जिले से एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है, जिसमें फरियादी ही अपराधी निकला है। यह घटना जिले के नेमदारगंज की है। जहां एक व्यक्ति ने डकैती का झूठा मुकदमा दर्ज कराया और बाद में वह फर्जी निकला। बताया जा रहा है कि नेमदारगंज थाने में डकैती होने का मामला दर्ज कराया गया था। इस मामले में नवादा पुलिस ने तीन दिनों के अंदर फर्जी डकैती कांड का खुलासा कर दिया। पुलिस ने बताया कि वादी ने खुद मनगढ़ंत डकैती कांड की प्राथमिकी कराई थी। वहीं, पुलिस ने वादी के घर से ही लूट के मोबाइल को बरामद कर लिया। उसके बाद वादी ने अपने राज पुलिस के सामने खोल दिए।
जानकारी के मुताबिक, आठ मई कि रात करीब साढ़े आठ बजे वादी खीरन कुमार महुली नवादा जा रहे थे। RDA वर्लपूल गोदाम में गाड़ी खड़ी कर वापस लौटने के दौरान तीन बाइकों पर सवार छह अज्ञात अपराधियों ने उनसे मारपीट की। साथ ही उनकी जेब से 19 हजार की कीमत का ब्रांडेड मोबाइल और एक सोने का लॉकेट लूट लिया। इस संबंध में नेमदारगंज थाने में कांड संख्या 145/24 दर्ज किया गया था।
इस कांड को गंभीरता को देखते हुए जिले के एसपी कार्तिकेय शर्मा ने नेमदारगंज थाना प्रभारी के नेतृत्व में टीम का गठन किया। गठित टीम द्वारा जब घटनास्थल का सघन निरीक्षण किया गया और आसपास के लोगों से पूछताछ की गई तो घटना की पुष्टि न हो सकी। जबकि वादी द्वारा कुछ ऑनलाइन पोर्टल पर पैसे लगाने की बात सामने आई।
उसके बाद तकनीकी अनुसंधान कर वादी से पूछताछ की गई तो वादी अपने बयान को बार-बार बदलते नजर आया। इससे शक और गहराता गया और पुनः वादी से सख्ती से पूछताछ की गई तो उसने बताया कि उसके साथ कोई लूट की घटना नहीं हुई है। वह कई ऑनलाइन गैंबलिंग पोर्टल पर पैसा लगाने का काम करता था। अपनी सैलरी घर पर न देनी पड़े इस उद्देश्य से उसने मनगढ़ंत लूट की घटना की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। वादी की निशानदेही पर नवादा पुलिस के द्वारा छापामारी कर लूट का मोबाइल वादी के घर से बरामद किया गया। साथ ही बरामद मोबाइल की जांच से पता चला कि वादी पहले ही लगभग 24 हजार रुपये विभिन्न ऑनलाइन गैंबलिंग पोर्टल्स के जरिए हार चुका है।