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Bihar News: बुकिंग कैंसिल, होटल खाली, विदेशी मेहमानों की राह ताक रहा बोधगया; बाजारों से छीनी मुस्कान

Sun, 12 Apr 2026 12:59 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बोधगया

सार

इराक और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव और वैश्विक अस्थिरता का सीधा असर बिहार के बोधगया के पर्यटन उद्योग पर पड़ रहा है। विदेशी पर्यटकों की संख्या लगभग खत्म हो गई है, जिससे होटल, ट्रैवल, बाजार और धार्मिक संस्थानों की आय बुरी तरह प्रभावित हुई है।
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बोधगया में पर्यटन ठप - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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इस्राइल, इराक और अमेरिका के बीच बढ़ते युद्ध और वैश्विक तनाव का असर अब बिहार के बोधगया में साफ दिखाई देने लगा है। विदेशी पर्यटकों की अचानक कमी से यहां का पर्यटन कारोबार लगभग ठप हो गया है और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर बड़ा संकट खड़ा हो गया है।
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बोधगया के पर्यटन पर अंतरराष्ट्रीय हालात का असर

ज्ञान और शांति की भूमि बोधगया इन दिनों अंतरराष्ट्रीय हालात की सीधी मार झेल रहा है। इस्राइल और ईरान के बीच तनाव के साथ-साथ इस्राइल, इराक और अमेरिका के बीच जारी युद्ध का असर यहां के पर्यटन पर साफ दिख रहा है। सुरक्षा कारणों, अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में दिक्कत और बढ़ती लागत की वजह से विदेशी पर्यटकों ने बोधगया आना लगभग बंद कर दिया है।

महाबोधि मंदिर में सन्नाटा, बाजारों में मंदी

विश्व धरोहर महाबोधि मंदिर में पहले जहां यूरोप, अमेरिका और रूस से बड़ी संख्या में पर्यटक आते थे, वहां अब सन्नाटा पसरा हुआ है। मंदिर परिसर में अब सिर्फ स्थानीय श्रद्धालु ही दिखाई दे रहे हैं। इसका असर आसपास के होटल, रेस्टोरेंट और बाजारों पर भी पड़ा है, जहां रौनक खत्म हो गई है।
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बुकिंग कैंसिल, करोड़ों के नुकसान का अनुमान

टूर ऑपरेटरों के अनुसार मार्च और अप्रैल में बोधगया और बौद्ध सर्किट के लिए 35 से 40 बड़े विदेशी ग्रुप आने वाले थे, जिनमें 1000 से ज्यादा श्रद्धालु शामिल थे। हर पर्यटक के 3 से 4 हजार डॉलर खर्च करने के अनुमान से करोड़ों रुपये के कारोबार की उम्मीद थी, लेकिन युद्ध के कारण सभी बुकिंग आखिरी समय पर रद्द हो गईं।

होटल और ट्रैवल कारोबार बुरी तरह प्रभावित

इस संकट का सबसे ज्यादा असर होटल और ट्रैवल इंडस्ट्री पर पड़ा है। होटल के कमरे खाली हैं, गाड़ियां खड़ी हैं और गाइड व टूर ऑपरेटर काम के बिना परेशान हैं। इसके अलावा हैंडीक्राफ्ट, फल-सब्जी, किराना और छोटे दुकानदारों की बिक्री भी काफी गिर गई है।

धार्मिक संस्थानों की आय में गिरावट

पर्यटन में गिरावट का असर धार्मिक संस्थानों पर भी पड़ा है। महाबोधि मंदिर और बौद्ध मठों को मिलने वाला विदेशी दान भी कम हो गया है। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि अगर हालात जल्द ठीक नहीं हुए तो बोधगया की अर्थव्यवस्था को संभलने में लंबा समय लग सकता है।

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होटल एसोसिएशन का बयान: हालात चिंताजनक

बोधगया होटल एसोसिएशन के महासचिव सुदामा कुमार ने कहा कि युद्ध का असर अब साफ दिखने लगा है। फ्लाइट किराए बढ़ने, ईंधन और गैस की कमी से विदेशी पर्यटक आना लगभग बंद हो गया है। उन्होंने कहा कि होटल और रेस्टोरेंट कारोबार बुरी तरह प्रभावित है और अगर यही स्थिति रही तो छोटे व्यापारियों और मजदूरों के सामने गंभीर आर्थिक संकट और बेरोजगारी की स्थिति बन सकती है। उन्होंने यह भी बताया कि अप्रैल में श्रीलंका, ताइवान, मलेशिया और म्यांमार से पर्यटक आए थे, लेकिन अब उनकी संख्या लगभग शून्य हो गई है।
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टूर एंड ट्रैवल्स कारोबार भी ठप

टूर एंड ट्रैवल्स कारोबारी दीपक कुमार ने बताया कि युद्ध का असर बहुत गंभीर है और पर्यटक अब बुकिंग करने से डर रहे हैं। पहले से की गई बुकिंग भी लगातार कैंसिल हो रही है। उन्होंने कहा कि इस समय न तो विदेशी और न ही घरेलू पर्यटक आ रहे हैं। गाड़ियां खाली खड़ी हैं और ड्राइवर व बस मालिक आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना के बाद हालात जैसे-तैसे सुधरे थे, लेकिन अब युद्ध ने फिर से पूरा कारोबार ठप कर दिया है।
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