गया जिले के डुमरिया प्रखंड में शुक्रवार सुबह आकाशीय बिजली ने एक गरीब परिवार की खुशियां पलभर में उजाड़ दीं। भैंस चराने निकले 32 वर्षीय दिनेश यादव की वज्रपात की चपेट में आने से मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद पत्नी और चार बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है और ग्रामीण प्रशासन से पीड़ित परिवार को तत्काल सहायता देने की मांग कर रहे हैं।
भैंस चराने निकले थे दिनेश, अचानक बदला मौसम
घटना भदवर थाना क्षेत्र के कीसूनचक गांव की है। जानकारी के अनुसार, दिनेश यादव शुक्रवार सुबह करीब साढ़े सात बजे रोज की तरह घर से भैंस चराने निकले थे। वह गांव से लगभग एक किलोमीटर दूर बीजूआ बरवाडीह स्थित हरिईटाड़ इलाके में पहुंचे ही थे कि अचानक मौसम खराब हो गया। तेज गर्जना और चमक के बीच अचानक आकाशीय बिजली उनके ऊपर गिर पड़ी। बिजली की चपेट में आते ही दिनेश जमीन पर गिर पड़े और उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
मौके पर जुटी भीड़, परिजनों की चीख-पुकार से गूंजा इलाका
घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीण दौड़कर मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। थोड़ी ही देर में बड़ी संख्या में ग्रामीण वहां जमा हो गए। सूचना मिलने पर परिवार के लोग भी घटनास्थल पर पहुंचे। पति का शव देखते ही पत्नी बेसुध होकर गिर पड़ी, जबकि बच्चे पिता के शव से लिपटकर फूट-फूटकर रोने लगे। घटनास्थल पर मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं। पूरे गांव में शोक और सन्नाटा पसरा हुआ है।
मजदूरी और पशुपालन से चलता था परिवार
ग्रामीणों ने बताया कि दिनेश यादव बेहद गरीब परिवार से थे। वह मजदूरी और पशुपालन के सहारे किसी तरह अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। परिवार में पत्नी, दो बेटे और दो बेटियां हैं। कुछ समय पहले ही उन्होंने अपनी एक बेटी की शादी की थी। दिनेश ही घर के इकलौते कमाने वाले सदस्य थे। उनकी अचानक मौत के बाद परिवार के सामने बड़ा आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। गांव के लोग लगातार परिवार को ढांढस बंधाने में लगे हैं।
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पुलिस ने शुरू की जांच, मुआवजे की मांग तेज
घटना की सूचना मिलने पर भदवर थाना अध्यक्ष सचिन कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। इधर ग्रामीणों ने प्रशासन से मृतक परिवार को सरकारी मुआवजा, आवास और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि परिवार पूरी तरह टूट चुका है और अब सरकारी मदद ही उनके जीवन का सहारा बन सकती है।