कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोलते हुए केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने कहा है कि राहुल गांधी के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं है, उनका एकमात्र एजेंडा यह है कि अगला प्रधानमंत्री कौन बने। सोमवार को गया में पत्रकारों से बातचीत के दौरान मांझी ने यह भी कहा कि राहुल गांधी केवल देशभर में दौड़ लगाकर पीएम बनने की चाह में भ्रम फैलाते फिर रहे हैं। लेकिन बिहार की जनता अब उनके झांसे में आने वाली नहीं है।
‘इंडिया गठबंधन राहुल को पीएम चेहरा मान भी चुका है क्या?’
जीतन राम मांझी ने सवाल उठाया कि राहुल गांधी को खुद पहले यह बताना चाहिए कि क्या इंडिया गठबंधन ने उन्हें पीएम पद का उम्मीदवार स्वीकार कर लिया है? उन्होंने कांग्रेस के 60 वर्षों के शासन को याद करते हुए कहा कि उस दौर में पार्टी ने रोजगार के क्षेत्र में कुछ ठोस नहीं किया। जबकि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने हर साल दो करोड़ रोजगार देने का जो वादा किया था, उससे भी ज्यादा ‘नियोजन’ दिया गया है।
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उन्होंने बताया कि एमएसएमई विभाग के माध्यम से अब तक 26 करोड़ लोगों को नियोजन दिया गया है। मांझी ने कहा कि यह नौकरी नहीं, नियोजन है, जो विभिन्न योजनाओं के जरिए दिया जा रहा है। राहुल गांधी को यह बात समझनी चाहिए और भ्रम फैलाने से बचना चाहिए। मांझी ने कहा कि विभिन्न विभागों को मिलाकर केंद्र सरकार ‘हर साल पांच से सात करोड़ लोगों को रोजगार’ उपलब्ध करा रही है।
‘एकता सिर्फ दिखावा, दौरे से नहीं पड़ेगा कोई असर’
केंद्रीय मंत्री ने इंडिया गठबंधन को लेकर तंज कसते हुए कहा कि इनकी एकता ढाल और तलवार जैसी है- साथ तो हैं लेकिन केवल दिखावे के लिए। उन्होंने कहा कि ये दल एकजुट होकर भी कोई ठोस काम नहीं कर पाए। अब जब आपसी मतभेद गहरा गया है, तब मिलकर दौरा कर रहे हैं और सिर्फ नारेबाजी कर रहे हैं। लेकिन इससे आम जनता पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
‘आरसीपी सिंह मानसिक दीवालियापन के शिकार’
पूर्व केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह द्वारा वक्फ कानून पर भाजपा पर जबरन कानून थोपने के आरोप को लेकर मांझी ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि आरसीपी सिंह ‘दिमागी दिवालियापन’ के शिकार हैं। मांझी ने स्पष्ट किया कि वक्फ कानून संसद के दोनों सदनों से पास हुआ है और यह किसी धर्म के विरुद्ध नहीं है। उन्होंने कहा कि वक्फ का अर्थ होता है ‘दान’। दान देने-लेने वाली एजेंसियों पर नियंत्रण जरूरी है, क्योंकि उनके माध्यम से आने वाली राशि का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है। लाखों में आने वाला रेंट हजारों में दिखाया जा रहा है और वह पैसा कमजोर वर्गों के विकास में न लगाकर निजी हितों में खर्च किया जा रहा है। ऐसे में अगर किसी को यह कानून गलत लग रहा है तो इसका मतलब साफ है कि वे लोग वक्फ का नाजायज फायदा उठा रहे हैं।
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‘सीएम पद पर तेजस्वी की दावेदारी ख्याली पुलाव’
बिहार के मुख्यमंत्री पद को लेकर तेजस्वी यादव की दावेदारी पर पूछे गए सवाल के जवाब में मांझी ने कहा कि यह तो ख्याली पुलाव है। उन्होंने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आज विश्व की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और 2047 तक यह विकसित राष्ट्रों की श्रेणी में शामिल होगा। ऐसे में विपक्ष की बयानबाजी का कोई असर नहीं पड़ने वाला है। वहीं, वक्फ कानून के खिलाफ दायर याचिकाओं पर भी मांझी ने कहा कि मामला न्यायालय में विचाराधीन है। कोर्ट का जो भी फैसला आएगा, उसके अनुसार आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी।