अरवल जिले में मुफ्त राशन योजना की जांच के दौरान बड़ा खुलासा हुआ है। आधार और राशन कार्ड के सत्यापन में बड़ी संख्या में ऐसे लोगों की पहचान हुई है, जो आर्थिक रूप से सक्षम होने के बावजूद गरीबों के लिए संचालित सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) का लाभ ले रहे थे। प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए करीब 18 हजार राशन कार्ड रद्द कर दिए हैं, जबकि हजारों मामलों की जांच अभी भी जारी है।
जांच में सामने आईं गंभीर अनियमितताएं
जिला प्रशासन द्वारा चलाए गए सत्यापन अभियान में पाया गया कि कई आयकरदाता, चारपहिया वाहन मालिक, बड़े भू-स्वामी और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लाभुक भी राशन योजना का लाभ ले रहे थे। विभागीय जांच में ऐसे कई नाम सामने आए हैं, जो नियमित रूप से आयकर रिटर्न दाखिल करते हैं और आर्थिक रूप से संपन्न हैं। अधिकारियों का कहना है कि पात्रता मानकों के विपरीत लाभ लेने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
दोपहिया वाहन मालिकों की भी होगी जांच
आपूर्ति विभाग ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए अब दोपहिया वाहन रखने वाले राशन कार्डधारियों की भी समीक्षा शुरू कर दी है। जिन लाभुकों की आर्थिक स्थिति योजना की पात्रता शर्तों के अनुरूप नहीं पाई जाएगी, उन्हें लाभार्थी सूची से हटाया जाएगा।
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हजारों कार्डधारियों को जारी किए गए नोटिस
विभाग की ओर से बड़े पैमाने पर नोटिस जारी किए गए हैं। आंकड़ों के अनुसार 16,796 ग्रामीण और 713 शहरी राशन कार्डधारियों को नोटिस भेजकर स्पष्टीकरण मांगा गया है। इसके अलावा 6,659 ग्रामीण और 228 शहरी कार्डधारियों के मामलों की जांच जारी है। सभी चिन्हित लाभुकों को सात दिनों के भीतर अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया है। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर उनके राशन कार्ड निरस्त किए जा सकते हैं।
प्रखंडवार सामने आए मामले
जांच के दौरान विभिन्न प्रखंडों में बड़ी संख्या में अपात्र लाभुकों की पहचान हुई है।
- अरवल प्रखंड : 3,130 मामले
- कलेर : 2,649 मामले
- करपी : 4,221 मामले
- कुर्था : 3,406 मामले
- बंशी : 1,877 मामले
वहीं शहरी क्षेत्र में 713 कार्डधारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
अधिकारियों ने क्या कहा?
जिला आपूर्ति पदाधिकारी गोविंदा मिश्रा ने बताया कि आधार और राशन कार्ड के सत्यापन के दौरान बड़ी संख्या में अपात्र लाभुकों की पहचान हुई है। सभी को नियमानुसार नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। अनुमंडल पदाधिकारी संजीव कुमार ने कहा कि जांच में ऐसे लोग भी सामने आए हैं जो लाखों रुपये का आयकर रिटर्न दाखिल करते हैं, लेकिन मुफ्त राशन योजना का लाभ ले रहे थे। जांच पूरी होने के बाद लगभग 18 हजार राशन कार्ड रद्द किए जा चुके हैं।
जरूरतमंदों तक पहुंचेगा योजना का लाभ
प्रशासन का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य पात्र और जरूरतमंद परिवारों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। जांच पूरी होने के बाद अपात्र लाभुकों को हटाकर वास्तविक जरूरतमंदों को योजना से जोड़ा जाएगा।