जेल में बंद भाइयों को राखी बांधने पहुंची बहनें
- फोटो : अमर उजाला
जेल अधीक्षक अजीत कुमार ने बताया कि सुबह सात बजे से ही बंदियों को वार्ड से बाहर निकाल दिया गया था। ताकि जैसे ही उनकी बहनें आएं, वे अपने भाइयों को बारी-बारी से राखी बांध सकें। वहीं, जेल प्रशासन की ओर से बंदियों के लिए विशेष भोजन का इंतजाम भी किया गया था। ताकि पर्व के अवसर पर कैदियों को अपने परिवार की ज्यादा याद न आए। सुपरिंटेंडेंट अजीत कुमार की देखरेख में पूरे कार्यक्रम का आयोजन किया गया। वहीं, अपने भाइयों को राखी बांधने के लिए पहुंचीं बहनों की आंखों में आंसू भी भर आए।
जेल में बंद भाइयों को राखी बांधने पहुंची बहनें
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इधर, पिछले वर्ष की भांति इस वर्ष भी दुर्गा वाहिनी की जिला संयोजिका ज्योति कुमारी के नेतृत्व में जेल में बंद कैदियों को राखी बांधकर माथे पर तिलक लगाकर मिठाई खिलाई गई। दुर्गा वाहिनी की सदस्य सपना रानी और खुशी कुमारी ने बारी-बारी से बंद कैदियों को राखी बांधी और कैदी भाइयों से आशीर्वाद लिया। ताकि जिनकी बहनें राखी लेकर नहीं पहुंचीं उन्हें भी बहन की कमी का एहसास न हो और कैदियों को भी न लगे कि हम जेल में हैं। दुर्गा वाहिनी के सदस्यों ने जेल अधीक्षक अजीत कुमार सहित जेल में तैनात अधिकारियों और पुलिसकर्मियों को भी राखी बांध कर भाई-बहन के अटूट प्रेम के त्योहार रक्षाबंधन की बधाई और शुभकामनाएं दीं।