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Bihar News: नवादा में पत्थर खदान कर्मी की बेरहमी से पिटाई के बाद हुई मौत, लोगों में आक्रोश

Mon, 02 Sep 2024 09:15 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नवादा

सार

Nawada News: नवादा में पत्थर खदान कर्मी की बेरहमी से पिटाई कर दी गई, जिसकी इलाज के दौरान पटना में मौत हो गई। इसे लेकर लोगों में आक्रोश है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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अस्पताल में पहुंचे मृतक के परिजन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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नवादा जिले में क्रशर प्लांट के कर्मी की बेरहमी से पिटाई कर दी गई। उसके बाद गंभीर रूप से घायल कर्मी की इलाज के दौरान मौत हो गई। बताया जा रहा है कि थाली थानाक्षेत्र के खखंदुआ पत्थर खदान के पास शुक्रवार की रात घटना को अंजाम दिया गया था। राजधानी पटना के अपोलो अस्पताल में रविवार को कर्मी की मौत हुई। शव को सदर अस्पताल नवादा लाया गया। जहां सोमवार को शव का पोस्टमार्टम कराया गया।

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जानकारी के मुताबिक, खखंदुआ पहाड़ी का कुछ हिस्सा नालंदा जिले के पटेल एग्रो नामक कंपनी को पत्थर उत्खनन के लिए आवंटित हुआ है। वहां खनन का काम शुरू करने के पूर्व क्रशर प्लांट लगाने का काम चल रहा है। इस प्लांट की सुरक्षा के लिए रात्रि प्रहरी का काम नाद गांव के विनोद सिंह किया करते थे।
 
शुक्रवार की रात विनोद सिंह अपनी ड्यूटी पर थे। इसी दौरान कुछ बदमाशों ने उनके साथ बुरी तरह से मारपीट की। गंभीर रूप से घायल विनोद सिंह को सदर अस्पताल नवादा लाया गया। जहां सीटी स्कैन कराया गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उन्हें हायर संस्थान रेफर कर दिया गया। परिजन उन्हें अपोलो अस्पताल पटना ले गए। जहां रविवार को उनकी मौत हो गई। सोमवार को सदर अस्पताल नवादा में शव का पोस्टमार्टम कराया गया। इस मामले में कुछ हमलावरों मुन्ना यादव, सुधीर यादव, महेश यादव, कपिल यादव, कारू यादव सहित अन्य के नाम सामने आए हैं। घटना की प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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बताया जा रहा है कि मृतक और उनका परिवार भाजपा नेता तथा हिसुआ के पूर्व विधायक अनिल सिंह के काफी नजदीकी हैं। मौत की खबर के बाद रविवार की रात को ही वे सदर अस्पताल पहुंच गए थे। सोमवार को भी पोस्टमार्टम के वक्त सदर अस्पताल में मौजूद थे। पूर्व विधायक के अलावा भाजपा जिलाध्यक्ष अनिल मेहता सहित भाजपा के कई नेता भी पोस्टमार्टम होने तक सदर अस्पताल में डटे हुए थे। घटना को लेकर लोगों में आक्रोश है।
 
घटना के पीछे रहे कारणों को लेकर कई तरह की बातें सामने आ रही है। कुछ लोगों का कहना है कि कोई बाहरी व्यक्ति यहां पत्थर उत्खनन करे, यह उन लोगों को मंजूर नहीं था। कुछ लोगों का यह भी कहना है कि हमलावर बदमाश भी पत्थर खदान में काम करना चाह रहे थे। संवेदक के इनकार करने पर काम में खलल डालने के लिए ऐसा किया गया। बहरहाल, घटना के कारणों का पता तो पुलिस जांच में ही सामने आएगा। लेकिन इस घटना ने एक बार फिर पुलिस प्रशासन पर सवाल खड़े कर दिए हैं कि नवादा में कानून-व्यवस्था की स्थिति काबू में नहीं है। हाल के दिनों में कई ऐसी घटनाएं हुई जो पुलिसिंग सिस्टम पर सवाल खड़ा करता है। भाजपा के पूर्व विधायक अनिल सिंह ने थाली थानाध्यक्ष की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं और पुलिस अधीक्षक नवादा से इस मामले को गंभीरता से जांच करने की मांग की है।

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