बिहार में लगातार हो रही आपराधिक घटनाओं ने कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हत्या, लूट, रंगदारी और अपहरण जैसी घटनाएं आम होती जा रही हैं। राजधानी पटना में हाल ही में गोपाल खेमका हत्याकांड और पारस हॉस्पिटल जैसी वारदातों ने पुलिस की साख पर चोट पहुंचाई है। इन सबके बीच राज्य के एडीजी (मुख्यालय) कुंदन कृष्णन का बयान भी चर्चा में रहा, जिसने हालातों को लेकर एक नई बहस छेड़ दी।
हालांकि, ऐसे माहौल में जहानाबाद से एक सुकून देने वाली तस्वीर सामने आई है। जिले के पुलिस अधीक्षक विनीत कुमार ने ऐसा उदाहरण प्रस्तुत किया है, जो न केवल मानवता की मिसाल है, बल्कि पुलिस और जनता के बीच विश्वास की एक नई परिभाषा भी रचता है।
जबसे विनीत कुमार ने जहानाबाद में एसपी का पदभार संभाला है, जिले की पुलिस व्यवस्था में कई सकारात्मक बदलाव देखने को मिले हैं। चाहे थानों की गाड़ियों को नया लुक देना हो या पुलिस गश्त को दुरुस्त करना हर स्तर पर सुधार की पहल की गई है। एसपी कार्यालय का गेट हर दिन फरियादियों के लिए खुला रहता है, और लोग बिना हिचक अपनी शिकायतें लेकर सीधे एसपी के पास पहुंचते हैं। खुद विनीत कुमार ने लोगों से कहा है कि जरूरत पड़ने पर वे उन्हें कभी भी कॉल कर सकते हैं।
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इसी कड़ी में बीते शनिवार को एसपी कार्यालय परिसर में जनता दरबार का आयोजन किया गया था। पुलिस अधीक्षक ने खुद जनता की समस्याएं सुनीं और उनके त्वरित निष्पादन का आश्वासन दिया। इसी दौरान एक बुजुर्ग फरियादी अपनी परेशानी लेकर उनके समक्ष पहुंचे। बुजुर्ग को देखकर एसपी विनीत कुमार ने जो किया, वह सभी के लिए एक मिसाल बन गया। उन्होंने तुरंत अपनी कुर्सी छोड़ दी और बुजुर्ग के पास जाकर घुटनों के बल बैठ गए। यह देख बुजुर्ग भी भावुक हो उठे और वे भी अपनी कुर्सी छोड़ जमीन पर बैठ गए। दोनों ने जमीन पर बैठकर शांतिपूर्वक बातचीत की और एसपी ने उनकी बातों को गंभीरता से सुना।
यह दृश्य देख वहां मौजूद लोग हैरान रह गए, लेकिन साथ ही उन्होंने इस व्यवहार की जमकर सराहना भी की। उपस्थित लोगों का कहना था कि ऐसी संवेदनशीलता और विनम्रता अगर हर अधिकारी में हो, तो आम जनता का पुलिस पर विश्वास और भी मजबूत हो सकता है।
लोगों का मानना है कि एसपी विनीत कुमार का यह कार्य न केवल प्रशंसनीय है, बल्कि यह अन्य अधिकारियों के लिए भी एक प्रेरणा है कि वे जनता के साथ सम्मानजनक और मानवीय व्यवहार करें। एसपी कार्यालय में मौजूद सभी फरियादियों ने पुलिस कप्तान की खुले दिल से तारीफ की और कहा कि यही सही मायनों में ‘पुलिस पब्लिक रिलेशन’ है, जो विश्वास और सहयोग की नींव पर खड़ा है।