घटना के बाद रोते-बिलखते परिजन।
- फोटो : अमर उजाला
नालंदा के पावापुरी में अपनी पत्नी और बच्चों को जहर खिलाने मारने वाले साड़ी दुकानदार की भी मौत हो गई। अस्पताल में उसने दुकानदार ने दम तोड़ दिया। जहर खाने से परिवार के सभी पांच लोगों की मौत हो गई है। पटना के पीएमसीएच में इलाज के दौरान शनिवार देर रात घर के मुखिया धर्मेंद्र कुमार ने भी दम तोड़ दिया। इससे पहले शुक्रवार रात धर्मेंद्र की पत्नी सोनी कुमारी, दो बेटियों और एक बेटे की मौत हो चुकी थी। पत्नी, दो बेटियों और एक बेटे को सल्फास की गोली खिलाने के बाद खुद भी जहर खाकर जान देने वाला धर्मेंद्र कर्ज से परेशान था। धर्मेंद्र ने दो लोगों से पांच लाख 50 हजार रुपए का कर्ज लिया था। उन्हें हर महीने 10 फीसदी ब्याज के हिसाब से 55 हजार देना पड़ रहा था।
सूदखोर धर्मेंद्र की पत्नी से भी बदसुलूकी करने लगे थे
ब्याज ना मिलने के कारण सूदखोर लगातार धर्मेंद्र और उसके परिवार को परेशान कर रहे थे। सूदखोर धर्मेंद्र की पत्नी से भी बदसुलूकी करने लगे थे। यही सब कुछ देख धर्मेंद्र ने पूरे परिवार के साथ आत्महत्या के बारे में सोची। कपड़े का कारोबार चल नहीं रहा था और सूदखोर सूद के पैसे के लिए परिवार को परेशान कर रहे थे।
पटना में नाले से मिला युवक का शव, 13 दिन से लापता था; विरोध में लोगों ने किया जमकर बवाल
दो लोगों के विरुद्ध नामजद प्राथमिकी दर्ज की गई
सल्फास की गोलियां खाने के बाद दो बेटियां दीपा और अरीमा की मौत शुक्रवार की देर शाम हो गई थी। जबकि देर रात मां सोनी कुमारी एवं बेटा शिवम की भी मौत हो गई थी। शनिवार को सोनी कुमारी के मायके बिन्द थाना क्षेत्र के बरहोग गांव, सभी शवों को ले जाया गया। जहां से अंतिम संस्कार के लिए बाढ़ स्थित उमानाथ घाट ले जाया गया। जहां छोटे बेटे सत्यम ने मां, भाई और दे बहनों को मुखाग्नि दी। धर्मेंद्र के फर्द ब्यान पर दो लोगों के विरुद्ध नामजद प्राथमिकी दर्ज की गई है।