गया में विश्व धरोहर व बुद्ध की ज्ञान स्थली महाबोधि मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर मंगलवार को वरीय पुलिस अधिकारियों ने जायजा लिया। महाबोधि मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को चाक चौबंद करने के लिए 2001 बैच के आईपीएस शालीन मंगलवार को अपने एक दिवसीय दौरे पर गया पहुंचे। जहां उन्होंने जिले में बने एसटीएफ के प्रशिक्षण भवन का निरीक्षण किया और फिर महाबोधि मंदिर पहुंचे। उसके बाद महाबोधि मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर संबंधित पदाधिकारियों को कई आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बिहार कैडर के आईपीएस अधिकारी शालीन एनएसजी तथा एसपीजी में डीआईजी और आईजी अधिकारी के रूप में कार्य कर चुके हैं। अब पुनः बिहार कैडर में वापस आ गए हैं। बिहार सरकार ने 2001 बैच के आईपीएस अधिकारी शालीन को बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस और एसटीएफ का आईजी बनाया है। उसके बाद उनके अनुभव को देखते हुए और उनकी इस समीक्षा के बाद महाबोधि मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था एनएसजी के तर्ज पर करने का अनुमान लगाया जा रहा है। इसके तहत महाबोधि मंदिर की सुरक्षा में तैनात बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस बल को तैयार कर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। उन्होंने अपने निरीक्षण करने के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए मगध रेंज के आईजी क्षत्रनील सिंह, वरीय पुलिस अधीक्षक आशीष भारती, बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस के अधिकारी को आवश्यक दिशा निर्देश दिए हैं।
गौरतलब है कि भगवान बुद्ध की ज्ञान स्थली महाबोधि मंदिर में देश विदेश से लाखों लाख की संख्या में बौद्ध श्रद्धालुओं का आना-जाना होता है। वर्ष 2013 में यहां आतंकियों द्वारा बम प्लांट किया गया था। उस दौरान महाबोधि मंदिर में सीरियल बम विस्फोट की घटना घटी थी। आतंकी वारदात के बाद महाबोधि मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस के हवाले कर दिया गया था। वहीं, आतंकियों द्वारा दूसरी वर्ष 2018 में भी बम को प्लांट किया गया था। उसके बाद से महाबोधि मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को सख्त किया गया था। अब ये अनुमान लगाया जा रहा है कि आईपीएस अधिकारी शालीन के इस दौरे के बाद बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस बल को एनएसजी और एसपीजी की तरह तैयार कर महाबोधि मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था में तैनात किया जा सकता है।