नवादा जिले में उस समय राजनीतिक हलचल तेज हो गई, जब हिसुआ विधानसभा से पूर्व विधायक और भाजपा के वरिष्ठ नेता अनिल सिंह पर शुक्रवार रात जानलेवा हमला हुआ। यह घटना हिसुआ-राजगीर रोड पर नारदीगंज के पास हुई जब वे एक श्रद्धांजलि सभा से लौट रहे थे। हमले में अनिल सिंह बाल-बाल बच गए, लेकिन उनकी गाड़ी क्षतिग्रस्त हो गई।
सूत्रों के मुताबिक, अनिल सिंह एक कार्यक्रम से पटना की ओर लौट रहे थे, तभी नारदीगंज के समीप एक अज्ञात गाड़ी ने उनकी कार को ओवरटेक कर जबरन टक्कर मार दी। इस टक्कर के बाद गाड़ी रुक गई और जैसे ही ड्राइवर व अन्य भाजपा कार्यकर्ता बाहर निकले, दर्जनों की संख्या में लाठी-डंडे से लैस हमलावरों ने घेरकर हमला कर दिया। स्थिति बिगड़ती देख अनिल सिंह ने सूझबूझ दिखाते हुए गाड़ी स्टार्ट की और वहां से किसी तरह जान बचाकर निकले।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमलावर गाड़ी के शीशे तोड़ रहे थे और लाठियों से हमला कर रहे थे। हवा में फायरिंग की आवाज भी सुनी गई, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। हमले के बाद अनिल सिंह ने नारदीगंज थाना पहुंचकर अज्ञात हमलावरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।
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पूर्व विधायक ने इसे एक पूर्वनियोजित हत्या की साजिश बताया और कहा कि अगर वे कुछ पल और वहां रुकते, तो गंभीर अनहोनी हो सकती थी। उन्होंने इसे राजनीतिक दुश्मनी का परिणाम बताया और मामले की निष्पक्ष जांच तथा दोषियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है। अनिल सिंह नवादा जिले में ‘दबंग नेता’ की छवि रखते हैं और हिसुआ से तीन बार विधायक रह चुके हैं। हाल ही में अगस्त 2025 में उन्होंने विश्वशांति चौक पर धरना दिया था। घटना के बाद इलाके में तनाव व्याप्त है और पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।