झारखंड में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण गया जिले के इमामगंज नगर पंचायत का भगहर गांव चारों ओर से उफनती नदियों के बीच घिर गया था। करीब दो हजार ग्रामीण कई दिनों से गांव में फंसे हुए थे। इस गंभीर समस्या को प्रमुखता से उठाया गया, जिसके बाद जिला प्रशासन और सरकार सक्रिय हुई। राहत टीम गांव पहुंची और लोगों तक जरूरी सुविधाएं पहुंचाने का काम शुरू कर दिया गया है।
खबर के बाद हरकत में आया प्रशासन
डीएम बोले- हर जरूरत का रखा जाएगा ध्यान
गयाजी के जिलाधिकारी शशांक शुभंकर ने अमर उजाला से बातचीत में बताया कि प्रशासन को स्थिति की जानकारी मिलते ही टीम को गांव भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों को किसी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। डीएम ने कहा कि यदि खाने-पीने की दिक्कत है तो गांव में सामुदायिक रसोई (कम्युनिटी किचन) शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। जरूरतमंद लोगों तक राशन और आवश्यक सामग्री पहुंचाई जा रही है। साथ ही, जैसे ही नदी का जलस्तर कम होगा, लोगों के आवागमन के लिए वैकल्पिक व्यवस्था भी की जाएगी।
नदी पर बनेगा स्थायी पुल
मंत्री संतोष सुमन ने भी दिया आश्वासन
इस मामले पर बिहार सरकार के मंत्री संतोष सुमन ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अमर उजाला के माध्यम से मामला उनके संज्ञान में आया है। इमामगंज विधानसभा क्षेत्र में इस तरह की समस्याओं का शीघ्र समाधान करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार ग्रामीणों की परेशानियों को गंभीरता से ले रही है और आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
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ग्रामीणों को राहत मिलने की उम्मीद
प्रशासन की टीम गांव पहुंचने और राहत कार्य शुरू होने से ग्रामीणों में राहत की उम्मीद जगी है। सामुदायिक रसोई, खाद्य सामग्री की आपूर्ति और वैकल्पिक आवागमन की तैयारी से लोगों को बड़ी राहत मिलने की संभावना है। वहीं, पुल निर्माण के आश्वासन से ग्रामीणों को उम्मीद है कि भविष्य में उन्हें हर बारिश में इस तरह की मुश्किलों का सामना नहीं करना पड़ेगा।
अमर उजाला से बातचीत करते डीएम शशांक शुभंकर