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Bihar News: गयाजी में किसानों का दर्द सुन सख्त हुए मंत्री, अधिकारी से बोले- ऑफिस छोड़िए, मैदान में जाइए

Sun, 23 Aug 2026 07:52 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गयाजी

सार

गयाजी में आयोजित कृषि जन कल्याण संवाद कार्यक्रम में किसानों की शिकायतों पर कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा का सख्त रुख देखने को मिला। किसानों ने बागवानी केंद्रों की बदहाल व्यवस्था और अधिकारियों की अनुपस्थिति की शिकायत की।
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गयाजी के हरिदास सेमिनरी परिसर में आयोजित कृषि जन कल्याण संवाद कार्यक्रम में किसानों को संबोधित
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विस्तार
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गयाजी में आयोजित कृषि जन कल्याण संवाद कार्यक्रम में किसानों की शिकायतों पर कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा का सख्त रुख देखने को मिला। किसानों ने कृषि योजनाओं और बागवानी केंद्रों की बदहाल व्यवस्था को लेकर अपनी समस्याएं सामने रखीं तो मंत्री ने मंच से ही एक कृषि पदाधिकारी को फटकार लगा दी। उन्होंने अधिकारियों को साफ शब्दों में कहा कि सिर्फ कार्यालय में बैठने से काम नहीं चलेगा, उन्हें जमीन पर जाकर किसानों की समस्याएं देखनी होंगी। लापरवाही मिलने पर सरकार कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगी।

दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का हुआ शुभारंभ

गयाजी के हरिदास सेमिनरी परिसर स्थित सभागार में शनिवार को कृषि विभाग की ओर से कृषि जन कल्याण संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार, कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा, अतरी विधायक रोहित कुमार, जिलाधिकारी शशांक शुभंकर के साथ एनडीए गठबंधन के जिला अध्यक्ष, कृषि विभाग के अधिकारी और जिले के 24 प्रखंडों से आए किसान शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलित कर की गई। इसके बाद किसानों से उनकी समस्याओं और कृषि योजनाओं से जुड़ी दिक्कतों पर सीधे बातचीत की गई।

किसानों ने बागवानी केंद्रों की व्यवस्था पर उठाए सवाल

कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने किसानों से सीधे संवाद करते हुए योजनाओं के जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन की जानकारी ली। इस दौरान किसानों ने बागवानी केंद्रों की खराब व्यवस्था, अधिकारियों के मौके पर मौजूद नहीं रहने और सरकारी योजनाओं का सही तरीके से लाभ नहीं मिलने की शिकायत की।

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किसानों की शिकायतें सुनते ही मंत्री का रुख सख्त हो गया। उन्होंने अधिकारियों से योजनाओं की वास्तविक स्थिति और उनकी निगरानी को लेकर जवाब मांगा।

मंच से कृषि पदाधिकारी को लगाई फटकार

मंत्री ने कृषि पदाधिकारी तासबु परवीन को मंच से ही फटकार लगाते हुए कहा कि उनकी पोस्टिंग सिर्फ कार्यालय में बैठने और आराम करने के लिए नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि मैदान में जाकर काम करना अधिकारियों की जिम्मेदारी है। मंत्री ने सवाल किया कि जब संबंधित पदाधिकारी को यहां पदस्थापित हुए तीन साल हो चुके हैं तो वह चारों बागवानी केंद्रों तक क्यों नहीं पहुंचीं। उन्होंने पूछा कि क्या इस तरह काम करना सही व्यवस्था है।

रिकॉर्ड तैयार करने और जांच के निर्देश

कृषि मंत्री ने मौके पर मौजूद विभागीय निदेशक को संबंधित पदाधिकारी का रिकॉर्ड दर्ज करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही चारों बागवानी केंद्रों की जांच के लिए समिति गठित करने और स्थल निरीक्षण कराने को कहा। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जांच के बाद केंद्रों की वास्तविक स्थिति की विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि अधिकारी खुद क्षेत्र में जाकर सरकारी योजनाओं की निगरानी करें, तभी किसानों तक योजनाओं का सही लाभ पहुंच सकेगा।

'झूठ बोलेंगे तो सरकार माफ नहीं करेगी'

विजय कुमार सिन्हा ने विभागीय अधिकारियों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि सरकारी योजनाओं में लापरवाही या गलत जानकारी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि अगर अधिकारी सच बताएंगे तो सुधार का मौका दिया जाएगा, लेकिन झूठ बोलने वालों को सरकार माफ नहीं करेगी।
मंत्री के इस सख्त रुख से कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों के बीच हलचल देखने को मिली। वहीं किसानों ने उम्मीद जताई कि उनकी शिकायतों पर अब कार्रवाई होगी और कृषि योजनाओं का वास्तविक लाभ खेतों तक पहुंचेगा।

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