ठगे जाने के बाद परेशान बैंक उपभोक्ता
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बिहार के लखीसराय जिले के अमहरा में एसबीआई ग्राहक सेवा केंद्र के मैनेजर द्वारा करोड़ों की ठगी का मामला सामने आया है। इसकी जानकारी मिलते ही उपभोक्ता आक्रोशित हो गए। वे अपने-अपने पैसे की मांग को लेकर थाना और SBI ब्रांच के पास इकट्ठा हो गए। इस दौरान एसबीआई बैंक के एक उपभोक्ता ने बताया कि पिछले चार-पांच दिनों से SBI ग्राहक सेवा केंद्र के मैनेजर का क्रियाकलाप काफी संदिग्ध लग रहा था। लेकिन पैसे लेकर फरार हो जाएगा, इसका तनिक भी अनुमान नहीं था।
उपभोक्ताओं की भीड़ से निकलकर एक बच्ची ने कहा कि विद्यालय द्वारा पढ़ाई के लिए हम लोगों को जो पैसे सरकार ने दिए थे, उन्हें भी निकाल लिया गया है। एक बूढ़ी महिला ने बताया कि बेटी की शादी के लिए रुपये जमा किए थे। अब खुद को बेबस महसूस कर रही हूं।
‘आरोपी पर की जा रही है कानूनी कार्रवाई’
वहीं, घटना की जानकारी मिलते ही भारतीय स्टेट बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक मृत्युंजय सहाय मौके पर पहुंच कर मामले की जांच में जुट गए। इस दौरान उन्होंने बताया कि सीएसपी संचालक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है। जल्द ही पीड़ितों के अवैध ढंग से निकाले गए रुपये वापस दिलाने का प्रयास किया जा रहा है।
कुछ दिनों से संदिग्ध थी सीएसपी संचालक की गतिविधि
वहीं, खाताधारकों ने बताया कि लगभग सात सालों से इस गांव में सीएसपी का संचालन किया जा रहा था। पिछले कुछ दिनों से सीएसपी संचालक द्वारा पासबुक पर मैनुअल तरीके से इंट्री की जा रही थी। इस बारे में पूछने पर प्रिंटर मशीन खराब रहने की बात कही जाती थी। दर्जनों उपभोक्ता जब पैसा निकालने पहुंचे तो पता चला उनके खाते में पैसा ही नहीं है। उसके बाद खाताधारकों ने जमकर हंगामा किया।
बीजेपी नेता ने बैंक प्रबंधक पर लगाए आरोप
वहीं, बीजेपी जिलाध्यक्ष दीपक कुमार सिंह ने बैंक प्रबंधक पर लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जब पिछले छह महीने से ग्राहकों की बैंक पासबुक पर मैन्युअल एंट्री की जा रही थी तो अभी तक बैंक ने इसके ऊपर कोई संज्ञान क्यों नहीं लिया। इससे साफ प्रतीत होता है कि बैंक की भी सीएसपी संचालक के साथ मिलीभगत है।