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ईओयू की जांच में खुलासा: नीट यूजी केस से जुड़े गिरोह ने BPSSC परीक्षाओं में की सेंधमारी, जानिए कैसे जुड़ा तार?

Mon, 21 Sep 2026 12:36 PM IST
आदित्य आनंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

ईओयू की जांच में जो बात सामने आई, वह चौंकाने वाली थी। गिरोह के मास्टरमाइंड ने पूछताछ में भी कई खुलासे किए। उसके ठिकाने से कई ऐसे कागजात मिले, जिससे स्पष्ट हुआ कि इस गिरोह ने नीट यूजी के अलावा प्रतियोगी परीक्षा में गड़बड़ी की कोशिश की थी। 
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आर्थिक अपराध इकाई। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग (बीपीएसएससी) की ओर से ली गई दरोगा भर्ती परीक्षा को रद्द कराने की मांग रहे हैं अभ्यर्थियों का गर्दनीबाग में धरना प्रदर्शन जारी है। अभ्यर्थियों ने दावा किया है कि हमलोगों ने ईओयू को 1799 पदों पर ली गई परीक्षा में गड़बड़ी के कई साक्ष्य दिए। ईओयू ने भी अपनी जांच में गड़बड़ी पाई। अब तो पोल खुल चुकी है कि गड़बड़ी हुई है तो फिर सरकार परीक्षा रद्द क्यों नहीं कर रही है। अभ्यर्थी मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से न्याय की गुहार लगा रहे हैं। इधर, बीपीएसएससी की बहाली परीक्षा में गड़बड़ी के लिए एक बड़े गिरोह के सक्रिय होने की बात सामने आई है। आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) की जांच में पता चला कि जो गिरोह नीट यूजी गड़बड़ी केस में सक्रिय था, वही बीपीएसएससी में भी शामिल था। दरअसल, ईओयू ने इस गिरोह के सरगना डॉ. रविशंकर उर्फ सम्राट को पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया था। इतना ही नहीं ईओयू ने रविशंकर और उसके साथियों के ठिकाने पर छापेमारी की थी। 

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ईओयू की जांच में पता चला है कि नीट यूजी गड़बड़ी का मास्टरमाइंड सरगना डॉ. रविशंकर उर्फ सम्राट का गिरोह बीपीएसएससी की बहाली परीक्षाओं में भी सक्रिय था। इतना ही नहीं उसके पास से कई परीक्षाओं के एडमिट कार्ड भी मिले हैं। साथ ही कई ब्लैंक चेक, मूल दस्तावेज भी मिले हैं। ईओयू अब इन सामानों की जांच कर रही है। एडमिट कार्ड की भी जांच की जा रही है। प्रतीत हो रहा है कि मुख्य सरगना डॉ. रविशंकर अपने गिरोह की मदद से बीपीएसएससी की परीक्षाओं में सॉल्वर और सेंटर मैनेजमेंट के जरिए गड़बड़ी करता होगा।

चर्चित गिरोह करवा रहा था गड़बड़ी
गर्दनीबाग में धरना प्रदर्शन करने आए एक दरोगा अभ्यर्थी ने कहा कि ईओयू की जांच में इतना तो साफ हो गया है कि चर्चित गिरोह बीपीएसएससी की परीक्षाओं में गड़बड़ी करवा रहा था। इतना ही नहीं हर पद का अलग-अलग रेट फिक्स किया गया था। इन परीक्षाओं में पास कराने के नाम पर अभ्यर्थियों से 30 से 40 लाख तक की रकम वसूली जा रही थी। परीक्षा से पहले कुछ एडवांस और सर्टिफिकेट भी लिया जाता था। पटना के जिन इलाकों में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, उधर ही इस गिरोह के सदस्य सक्रिय हैं। 
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जानिए कौन है डॉ. रविशंकर उर्फ सम्राट? 
पावापुरी चिकित्सा महाविद्यालय में एमबीबीएस फाइनल ईयर का छात्र डॉ. रविशंकर उर्फ सम्राट का नाम नीट-यूजी की परीक्षा में गड़बड़ी करने में पहली बार जुड़ा। अगस्त माह में ईओयू ने रविशंकर को उसके सहयोगियों को पटना से गिरफ्तार किया था। जांच में पता चला कि रविशंकर अपने सहयोगियों के साथ मिलकर असली उम्मीदवारों की जगह अपने जान पहचान वाले मेधावी छात्रों को बैठाता था। इतना ही नहीं वह कंप्यूटर आधारित टेस्ट यानी सीबीटी परीक्षाओं में भी गड़बड़ी करता था। बिहार के कई जिलों में परीक्षा केंद्रों पर हुई गड़बड़ियों के बाद ईओयू को कई साक्ष्य मिले। ईओयू से पूछताछ में रविशंकर ने कबूत किया था कि वह 2022 से ही नीट व अन्य प्रतियोगिता परीक्षाओं के फर्जीवाड़ा में शामिल रहा है। वह बायोमेट्रिक कर्मियों की मदद से बीपीएसएससी की हवलदार अनुदेशक समेत अन्य परीक्षा में धांधली की कोशिश में शामिल था। 

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