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Minister of Bihar : बाबा साहेब के प्रेम में GK भूल गए बिहार के शिक्षा मंत्री, जानिए क्या कह दिया

Fri, 14 Apr 2023 07:38 PM IST
आदित्य आनंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

Bihar : बाबा साहेब के प्रति प्रेम दिखाने के चक्कर में बिहार के विवादित बयानों वाले शिक्षा मंत्री प्रो. चंद्रशेखर सामान्य ज्ञान भूल गए। उनकी बाकी बातों पर सभी की अपनी-अपनी राय हो सकती है, लेकिन उन्होंने एक शब्द से अपनी किरकिरी करा ली। जानिए क्या ऐसा कहा शिक्षा मंत्री ने...
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शिक्षा मंत्री सोशल मीडिया पर हुए ट्रोल। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की जयंती पूरे देश में धूमधाम से मनाई जा रही है। एमए, एमएससी, पीएचडी, डीएससी, बैरिस्टर-एट-लॉ, डी.लिट, एलएलडी समेत कई शैक्षणिक डिग्रियां लेने के बाद उन्हें 'ज्ञान का प्रतीक’ कहा जाने लगा। लेकिन, बाबा साहेब के प्रति प्रेम दिखाने के चक्कर में बिहार के विवादित बयानों वाले शिक्षा मंत्री प्रो. चंद्रशेखर सामान्य ज्ञान भूल गए। उनकी बाकी बातों पर सभी की अपनी-अपनी राय हो सकती है, लेकिन उन्होंने एक शब्द से अपनी किरकिरी करा ली।

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सदी को लेकर कही बात पर हो रहे ट्रोल
रामचरितमानस के बहाने नालंदा खुला विश्वविद्यालय के दीक्षांत समाराेह में बैकवर्ड-फॉरवर्ड पर विवादित बयान देने के बाद से चर्चा में रहे बिहार के शिक्षा मंत्री प्रो. चंद्रशेखर ने कहा- "इस सदी के (रिपीट- इस सदी के) इस धरती के, न सिर्फ भारत के सबसे बड़े ज्ञानी बाबासाहेब अंबेडकर की जयंती है।" लोगों ने इस बात पर अपने-अपने अंदाज में शिक्षा मंत्री को ट्रोल किया। कुछ लोग बताने लगे कि दुनिया को शून्य का ज्ञान कराने वाले बिहार के पुत्र आर्यभट्ट को वह भूल गए तो कुछ उन्हें यह सीख देने लगे कि बाबा साहेब का जन्म 19वीं सदी में हुआ था और उनकी पढ़ाई-लिखाई 20वीं सदी में, यह 21वीं सदी है। सोशल मीडिया यूजर्स ने शिक्षा मंत्री को मुख्यमंत्री से आर्यभट्ट के बारे में जानकारी लेने की भी सलाह दी। 
 

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ट्रोलर ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया। - फोटो : AMAR UJALA DIGITAL
मानस पर बोलकर भी चर्चा में रहे थे मंत्री
राष्ट्रीय जनता दल कोटे से बिहार की नीतीश कुमार सरकार में शिक्षा मंत्री प्रो. चंद्रेशखर हिंदू धर्म और धार्मिक ग्रंथों पर विवादित बयानों के कारण बहुत ज्यादा चर्चा में रहे थे। रामचरितमानस की कुछ पंक्तियों की अपने हिसाब से व्याख्या करने पर उन्हें खूब ट्रोल किया गया था। उनकी छेड़ी चर्चा पर बिहार में रामचरितमानस पर व्याख्यान बुलाकर उन्हें खुली चुनौती दी गई, हालांकि मानस के जानकारों के बीच गए नहीं। उसी क्रम में कुछ लोगों ने कवि कुमार विश्वास को भी बुलाया, लेकिन कार्यक्रम रद्द करना पड़ा। इस कार्यक्रम रद्द किए जाने पर शिक्षा मंत्री का कटाक्ष सामने आया था। शिक्षा मंत्री को उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इशारों में समझाया तो वह इस विवाद पर चुप हुए। अब 'सदी’ के ज्ञान पर उन्हें लोग ट्रोल कर रहे हैं।
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