चारा घोटाला के एक मामले में सजा के ऐलान से पहले राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शिकंजा कसा है। ईडी ने 8000 करोड़ रुपये के कथित मनी लॉन्ड्रिंग केस में पूरक आरोपपत्र दाखिल किया है।
इससे पहले ईडी ने पूर्व मुख्यमंत्री और लालू प्रसाद यादव की पत्नी राबड़ी देवी से पटना में पूछताछ की थी। जांच के दौरान ईडी तेजस्वी यादव से भी पूछताछ कर चुकी है।
8000 करोड़ रुपये के कथित मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार के खिलाफ ईडी ने केस दर्ज किया था। यह मामला यूपीए सरकार में लालू यादव के रेल मंत्री रहते हुए घोटाले से जुड़ा है।
एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि लालू ने रेल मंत्री रहते आईआरसीटीसी की उस कंपनी को टेंडर सौंप दिया जिनसे उन्होंने बतौर रिश्वत पटना में महत्वपूर्ण जगह की जमीन पाई थी। यह जमीन सरला गुप्ता की एक बेनामी कंपनी के जरिये उन्हें दी गई थी।
पिछले साल सितंबर में ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग केस में कार्रवाई करते हुए मीसा भारती के दिल्ली स्थित पालम के बिजवासन में फार्महाउस को अटैच किया था। मीसा और उनके पति शैलेश पर फर्जी कंपनियों के सहारे कालेधन को सफेद करने का आरोप है।