प्रवर्तन निदेशालय ने वांछित नक्सली संदीप यादव की संपत्तियों को जब्त कर लिया है। बता दें कि संदीप के नाम बिहार के औरंगाबाद में एक मकान और जमीन के प्लाट हैं। शुक्रवार की सुबह दिल्ली से आई ईडी की टीम ने छापेमारी कर जमीन की जब्ती की। इससे पहले इसी साल फरवरी महीने में झारखंड में भी ईडी ने प्रीवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत कार्रवाई करते हुए 86 लाख रुपए की संपत्ति जब्त कर ली थी।
ईडी ने सबसे पहले शाहपुर मौजा में स्थित प्लॉट नंबर-128 लगभग 4 डिसमिल जमीन पर कब्जा किया। इसके बाद रतनुआ मौजा में स्थित 4 डिसमिल जमीन पर बने मकान पर पोस्टर चिपकाकर जब्ती की कार्रवाई की।
बताया जाता है कि औरंगाबाद के अलावा अन्य जगहों पर भी संदीप द्वारा अर्जित की गई संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई चल रही है। संदीप यादव ने नोटबंदी के दौरान 15 लाख रुपए बदलने के लिए भेजे थे। रिपोर्ट के मुताबिक सरकार इन पैसों से कमाई गई संपत्ति को अधिकृत करने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है।
कौन है कुख्यात संदीप यादव?
नक्सली संदीप यादव उर्फ विजय यादव उर्फ संदीप दा नक्सली संगठन भाकपा (माओवादी) का सक्रिय सदस्य है। संदीप यादव बिहार-झारखंड स्पेशल एरिया कमेटी और मध्य जोन का प्रभारी भी है। संदीप पर 88 नक्सली वारदातों को अंजाम देने का आरोप है। पुलिस ने संदीप पर पांच लाख रुपए का इनाम भी घोषित कर रखा है। संदीप का भाई धनिक यादव भी माओवादी है।