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Dhirendra Shastri: बागेश्वर बाबा की MP वाली गाड़ी ने अक्टूबर 2020 से नहीं लिया PUC, पटना में भी मिली छूट

सार

Bihar Police Challan : आम और खास का अंतर कितना होता है, यह बाबा बागेश्वर धाम वाले पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के केस में दिख गया। जहां 13 हजार जुर्माना लगना चाहिए था, महज हजार रुपये लगा। वह भी उनके लौटने के बाद।
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पंडित धीरेंद्र शास्त्री जिस गाड़ी से होटल आए थे उसका PUC फेल था। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आम आदमी सीट बेल्ट बगैर कार से कहीं जा रहा हो तो पटना ट्रैफिक पुलिस के जवान कूद पड़ते हैं। मार्च में जहानाबाद में पुलिस के एक जवान ने वाहन जांच से बचने की कोशिश करते युवक को गोली मार दी थी। एक हफ्ते पहले ही उसकी मौत भी हो गई। और, यहां बागेश्वर वाले बाबा को लेकर चल रही कार, सांसद मनोज तिवारी ड्राइवर और पीछे बैठे केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह को देखकर पुलिस वाले भूल गए चालान काटना। शिकायत हुई तो जांच हुई और जांच हुई तो भी ऐसी कि महज हजार रुपए जुर्माना! जबकि, नियम कहता है कि इस गाड़ी पर 13 हजार रुपये जुर्माना किया जाना चाहिए था और वह चालान भी उसी दिन कट जाना चाहिए था, क्योंकि हर जगह CCTV है- एयरपोर्ट से गांधी मैदान स्थित होटल तक। सीट बेल्ट के लिए तीन हजार के अलावा 10 हजार रुपये का जुर्माना नियंत्रित प्रदूषण का प्रमाणपत्र (PUC) नहीं रहने पर भी लिया जाना चाहिए था, लेकिन नहीं लिया गया। यातायात एसपी पूरण झा ने कहा कि सीट बेल्ट नहीं लगाने पर फाइन एक हजार किया गया है।

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सीट बेल्ट नहीं लगाने पर क्या कहता है मोटर वाहन अधिनियम
बागेश्वर धाम वाले बाबा जिस गाड़ी में बैठकर पटना एयरपोर्ट से होटल गए, उसपर फाइन फाइन लगा है। गाड़ी नंबर की जांच की गई तो पता चला कि यह गाड़ी मध्य प्रदेश के छतरपुर RTO से इंद्र विक्रम सिंह बुंदेला के नाम से रजिस्टर्ड है। मोटर वाहन अधिनियम 2019 के अनुसार, गाड़ी में अगर एक शख्स बिना सीट बेल्ट लगाए पकड़ा गया तो एक हजार रुपये जुर्माना लगेगा।  मोटर वाहन अधिनियम 2019 के 194B के तरह गाड़ी के अंदर जितने लोग बिना सीट बेल्ट के बैठे हैं, उन्हें जुर्माना देना होगा। जैसे अगर आगे बैठे हुए दो लोग और पीछे बैठे हुए दो लोग बिना सीट बेल्ट के हैं तो कुल 4 हजार रुपये जुर्माना देना होगा। 

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सीट बेल्ट
जिस गाड़ी से होटल पहुंचे बाबा, उसका पॉल्यूशन भी फेल
बाबा जिस गाड़ी से पटना एयरपोर्ट से होटल तक आए, उसके नंबर के जांच के दौरान एक अन्य जानकारी सामने आई। इस गाड़ी का पॉल्यूशन सर्टिफिकेट भी फेल है। गाड़ी का पॉल्यूशन 3 साल पहले यानी 2020 में ही फेल हो चुका है। अंतिम बार मार्च 29 मार्च 2020 को यूपी में प्रदूषण मुक्त का प्रमाणपत्र लिया गया था, जो 29 सितंबर 2020 को खत्म हो गया। उसके बाद किसी ने जांच ही नहीं की। आम आदमी की गाड़ी का पॉल्यूशन फेल होता तो पुलिस जुर्माना लगाती लेकिन बाबा जिस गाड़ी में बैठे थे, उसे पॉल्यूशन का जुर्माना बिहार में भी नहीं लगा। मोटर वाहन अधिनियम के 194 (2) के तहत 10 हजार रुपये जुर्माना लगाया जाता है। बाबा जिस गाड़ी में बैठे थे, उस गाड़ी के मालिक को पॉल्यूशन फेल होने का जुर्माना देना होगा या नहीं, इस सवाल पर यातायात एसपी पूरण झा ने कहा कि यह DTO का काम है। मेरी तरफ से मात्र सीट बेल्ट को लेकर एक हजार फाइन किया गया है।

अन्य राज्य की गाड़ी थी, यह भी जांचना चाहिए था
भारत नंबर की गाड़ी ही बेरोकटोक आज-जा सकती है। बाकी के लिए एक समय सीमा निर्धारित रहती है। गाड़ी आपके राज्य में कब आई, यह जांचने के लिए टोल प्लाजा का रिकॉर्ड रहना चाहिए, वह रहता नहीं है। नतीजा ऐसी गाड़ियां बच जाती हैं। वैसे, आम आदमी की गाड़ी हो तो पुलिस रोककर दिखाने कहती है कि कब आए, प्रमाण दिखाओ या फिर इस राज्य के लिए एनओसी लाए हो तो वह दिखाओ।

जानिए, सीट बेल्ट लगाना क्यों है जरूरी
एक्सपर्ट बताते हैं कि कार में आपने सीट बेल्ट नहीं लगायी, तो हादसा होने के बाद आपको गंभीर चोटें आ सकती हैं। सीट बेल्ट आपको आपकी सीट से बांधे रखता है, ऐसे में हादसे के बाद चोट कम लगती है। इतना ही नहीं कभी-कभी कार में उलट-पुलट होकर आप कार से बाहर भी गिर सकते हैं। इससे सिर और रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट आते हैं। इसके अलावा सीट बेल्ट नहीं होने पर कई बार एयरबैग भी नहीं खुलता है।  
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