पशुपति पारस ने दिवंगत दलित नेता रामविलास के लिए भारत रत्न की मांग की
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केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण मंत्री पशुपति कुमार पारस ने अपने दिवंगत भाई और पूर्व दलित नेता रामविलास पासवान के लिए भारत रत्न की मांग की है। इसके अलावा उन्होंने रामविलास पासवान के जन्मदिवस 5 जुलाई को बिहार में अवकाश घोषित करने की भी मांग रखी।
पारस ने पटना में कहा कि उनके दिवंगत रामविलास पासवान ने हमेशा ही समाज के पिछड़े और कमजोर वर्ग के लिए कार्य किया। वह 6 प्रधानमंत्रियों के कार्यकाल में मंत्री रहें थे। समाज के लिए उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। इसलिए मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनके लिए भारत रत्न की मांग करता हूं। पारस ने इसके अलावा पटना में रामविलास की एक मूर्ति लगवाने की भी मांग रखी।
पहले भी उठ चुकी मांग
रामविलास पासवान की मृत्यू बीते साल 8 अक्तूबर को हुई थी। इससे पहले भी उनके लिए कई बार भारत रत्न की मांग उठ चुकी है। हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) के अध्यक्ष और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतनरान मांझी ने भी ये मांग रखी थी। इसके अलावा चिराग पासवान भी बिहार के सीएम नितीश कुमार को पत्र लिख चुके हैं कि भारत रत्न सम्मान के लिए उनके पिता के नाम का सुझाव दिया जाए।
पारस से जब चुनाव आयोग द्वारा लोक जनशक्ति पार्टी(लोजपा) के चुनाव चिन्ह् सीज करने के बारे में राय पूछी गई तो उन्होंने कहा कि वह इस कदमका स्वागत करते हैं। पारस ने कहा कि उन्होंने चुनाव आयोग से सिफारिश की है कि जब तक यह विवाद कोर्ट के समक्ष लंबित हैं तब तक चुनाव चिन्ह् किसी को न दिया जाए।
चुनाव आयोग ने पार्टी चिन्ह को किया सीज
बता दें कि लोजपा की अध्यक्षता को लेकर लेकर चिराग पासवान और उनके चाचा केद्रीय मंत्री पशुपति नाथ पारस के बीच विवाद जारी है। इस कारण चुनाव आयोग ने पार्टी के चुनाव चिन्ह् बंगला छाप को सीज कर दिया है। चुनाव आयोग ने कहा है कि दोनों पक्ष 30 अक्तूबर को कुशेश्वर स्थान और तारापुर विधावसभा क्षेत्र में होने वाले उपचुनाव में अपने उम्मीद्वारों को अन्य चुनाव चिन्हों का प्रयोग करने को कहा है। लोजपा के संसद में 6 सदस्य हैं। यह केंद्र में सत्ताधारी एनडीए की सहयोगी है दल है। हाल ही में लोकसभा स्पीकर ने पशुपति पारस को पार्टी का नेता माना था।