समस्तीपुर जिले के चकमहेसी थानाक्षेत्र में एक सनसनीखेज हत्या का मामला सामने आया है, जिसमें संदीप ठाकुर ने अपनी पत्नी अंशु कुमारी (28) की हत्या कर दोहरी योजना बनाई थी। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि संदीप अपनी पत्नी के चाल-चलन पर शक करता था और वह उसकी मौत के जरिए 10 लाख रुपये के समूह लोन से भी छुटकारा पाना चाहता था। संदीप ने इस हत्या के लिए अपने भाई और अन्य सहयोगियों की मदद ली, लेकिन पुलिस की तफ्तीश से उसकी साजिश बेनकाब हो गई।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के मुताबिक, आरोपी संदीप ठाकुर चकमहेसी बाजार में सैलून चलाता है। उसकी शादी 2016 में अंशु कुमारी से हुई थी। दोनों के तीन बच्चे भी हैं। कुछ समय से संदीप को अपनी पत्नी पर अवैध संबंध का शक हो गया था। इसके अलावा अंशु ने विभिन्न सहायता समूहों से करीब 10 लाख रुपये का लोन ले रखा था, जिसे चुकाने में दिक्कत हो रही थी। संदीप ने सोचा कि पत्नी को रास्ते से हटा देने से दोनों समस्याओं का समाधान हो जाएगा, अवैध संबंधों का शक खत्म हो जाएगा और लोन चुकाने का झंझट भी खत्म हो जाएगा।
सात हजार रुपये में खरीदा था कट्टा
संदीप ने योजना के तहत वैशाली जिले से सात हजार रुपये में एक देसी कट्टा खरीदा। बुधवार की रात जब वह घर लौटा, तो उसने अपनी पत्नी से विवाद किया और फिर उसके सिर पर नजदीक से गोली मार दी, जिससे उसकी मौत हो गई।
पुलिस को दिग्भ्रमित करने की योजना
पत्नी की हत्या के बाद संदीप ने अपने भाई राजा ठाकुर, मोहन ठाकुर और एक टोटो चालक सोनू कुमार की मदद से शव को दरभंगा डीएमसीएच ले जाकर एक झूठी कहानी गढ़ी। उसने पुलिस को बताया कि जब वह और उसकी पत्नी चकमहेसी से बेलादुला की ओर जा रहे थे, तो बाघमारा पुल के पास दो बाइक सवार बदमाशों ने उन्हें घेर लिया। संदीप के मुताबिक, जब उसकी पत्नी ने प्रतिरोध किया, तो बदमाशों ने उसे गोली मार दी।
पुलिस की जांच से साजिश से उठा पर्दा
दरभंगा पुलिस को संदीप की कहानी पर शक हुआ और उन्होंने समस्तीपुर पुलिस को जानकारी दी। समस्तीपुर पुलिस ने संदीप, उसके भाई और टोटो चालक को हिरासत में लिया और उनसे पूछताछ की। टोटो चालक ने बताया कि संदीप ने उसे बताया था कि उसकी पत्नी बीमार है और उसे दरभंगा अस्पताल ले जाना है। पूछताछ के बाद संदीप ने अपना जुर्म कबूल कर लिया और पुलिस ने उसकी निशानदेही पर पोखर से हत्या में इस्तेमाल किया गया देसी कट्टा और गोली के खोखे बरामद किए।
सदर डीएसपी विजय महतो ने बताया कि संदीप ठाकुर ने पत्नी की हत्या अवैध संबंधों के शक और लोन चुकाने से बचने के लिए की थी। मामले की जांच में पुलिस को संदीप की साजिश और उसके झूठे बयान का खुलासा हुआ। संदीप, उसके भाई राजा ठाकुर, मोहन ठाकुर और टोटो चालक सोनू कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा रहा है। पुलिस ने हत्या के बाद साक्ष्य छिपाने और पुलिस को गुमराह करने की संदीप की कोशिशों का पर्दाफाश किया है।