कॉलेज प्रशासन ने मानी छात्र संघर्ष समिति की मांगें
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मधुबनी के जयनगर स्थित डीबी कॉलेज में छात्र संघर्ष समिति के आंदोलन ने आखिरकार रंग ला दिया। कॉलेज प्रशासन को छात्रों की मांगें माननी पड़ी हैं और अब एससी-एसटी वर्ग के विद्यार्थियों तथा सभी वर्ग की छात्राओं से नामांकन में कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। इतना ही नहीं, सत्र 2024–28 के नामांकन में जिन छात्र-छात्राओं से शुल्क लिया गया है, उन्हें वह राशि कॉलेज द्वारा वापस की जाएगी।
डीबी कॉलेज में यह आंदोलन छात्र संघर्ष समिति के बैनर तले शुरू हुआ। इसमें कॉलेज अध्यक्ष वेद प्रकाश यादव के साथ विशाल दास, श्याम सुंदर, शिवम् कुमार, ओमप्रकाश और अमन कुमार जैसे छात्र नेता प्रमुख भूमिका में रहे। सैकड़ों की संख्या में छात्र-छात्राओं ने महाविद्यालय परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया और प्रधानाचार्य के खिलाफ नारेबाजी की।
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तालाबंदी कर रोका गया कामकाज, धरने पर बैठे छात्र
प्रदर्शन के दौरान आक्रोशित छात्रों ने कॉलेज के सभी विभागों और प्रशासनिक भवनों में तालाबंदी कर दी, जिससे महाविद्यालय का संपूर्ण कामकाज ठप हो गया। इसके बाद छात्र-छात्राएं धरना पर बैठ गए। धरना स्थल पर विभिन्न छात्र नेताओं ने संबोधित कर बताया कि विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा जारी आदेश के बावजूद महाविद्यालय प्रशासन जबरन एससी-एसटी वर्ग के छात्रों और सभी वर्ग की छात्राओं से 1150 रुपये नामांकन शुल्क ले रहा था, जो पूरी तरह अवैध है।
छात्र नेताओं ने कहा कि दरभंगा विश्वविद्यालय का स्पष्ट निर्देश है कि किसी भी मान्यता प्राप्त महाविद्यालय में एससी-एसटी छात्रों और सभी वर्ग की लड़कियों से किसी प्रकार का नामांकन शुल्क नहीं लिया जाए। बावजूद इसके डीबी कॉलेज प्रशासन द्वारा इस आदेश की अवहेलना की जा रही थी।
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वार्ता में विद्यार्थियों की मांगें मानी गईं
लगातार आंदोलन और दबाव के बीच कॉलेज प्रशासन को झुकना पड़ा। स्थानीय थाना की उपस्थिति में छात्र संघर्ष समिति के प्रतिनिधियों और महाविद्यालय प्रशासन के बीच वार्ता हुई। बातचीत के बाद यह सहमति बनी कि भविष्य में एससी-एसटी वर्ग के छात्रों और सभी वर्ग की छात्राओं से नामांकन शुल्क नहीं लिया जाएगा। इसके साथ ही पहले से लिए गए शुल्क को भी वापस करने का निर्णय लिया गया। इसके लिए संबंधित छात्र-छात्राएं कॉलेज में आवेदन देंगे, जिसके आधार पर कॉलेज प्रशासन राशि वापस करेगा। इस निर्णय की लिखित सूचना महाविद्यालय द्वारा जारी कर दी गई है।