मधुबनी जिले से साहरघाट थाना पुलिस द्वारा बिजली कर्मियों को थाने ले जाकर लाठी-डंडे से पिटाई करने का मामला सामने आया है। इस मारपीट में एक बिजली कर्मी का हाथ भी टूट गया। वहीं, इस पूरी घटना को लेकर बिजली कर्मियों ने कार्यपालक विद्युत अभियंता मधुबनी, पुलिस अधीक्षक और डीएम मधुबनी सहित कई वरीय अधिकारियों को आवेदन देकर साहरघाट पुलिस पर कार्रवाई की मांग की है।
आवेदन में पीड़ित बिजली कर्मियों ने बताया कि वे लोग वरीय पदाधिकारी के दिशा निर्देश पर पिहवाड़ा पंचायत के सबरौली गांव में प्रीपेड बिजली मीटर लगा रहे थे। उसके बाद कनीय विद्युत अभियंता मधवापुर को फोन पर सूचना मिली कि कुछ लोगों द्वारा मीटर लगाने में बाधा डाली जा रही है। उसके बाद बिजली सहायक विद्युत अभियंता द्वारा फोन कर सूचना दी गई। फिर वहां जाकर लोगों को प्रीपेड मीटर के बारे में समझा-बुझा कर मीटर लगाने का काम शुरु कर दिया।
उन्होंने बताया कि इसके कुछ देर बाद स्थानीय पंचायत समिति सदस्य दीपक कुमार सिंह और दिवाकर कुमार सिंह वहां पहुंचे। फिर वे लोग बिजली कर्मियों के साथ गाली-गलौज करने लगे और उनका मोबाइल छीन लिया। फिर उन लोगों ने साहरघाट पुलिस को बुलाया और कहा कि बिजली कर्मी हमारे घर को लूट रहे थे। उसके बाद साहरघाट थाना प्रभारी और अन्य पुलिस कर्मियों द्वारा बिजली कर्मियों को जबरन गाड़ी में बंद कर थाने लाया गया। उसके बाद बिजली कर्मियों से छीने गए मोबाइल दीपक कुमार सिंह से पुलिस ने ले लिए। इधर, बिजली कर्मियों को थाने में ले जाने के बाद अन्य बिजली कर्मियों को भी इस घटना की जानकारी हुई तो सभी थाने पहुंचे।
बिजली कर्मियों के अनुसार साहरघाट थानाध्यक्ष अरविंद कुमार और साहरघाट थाने में कार्यरत शशि नाम के एक व्यक्ति ने आपस में पहले विचार किया। उसके बाद साहरघाट थानाध्यक्ष और अन्य पुलिसकर्मियों ने बिजली कर्मियों को डंडे से पीटना शुरू कर दिया। उसके बाद कुछ बिजली कर्मी इधर-उधर हो गए। जब पिटाई करने से मन नहीं भरा तो अंदर के कमरे में ले जाकर फिर से कुछ पुलिसकर्मियों ने बिजली कर्मियों को दोबारा बेरहमी से पीटा। इस मारपीट घायल हुए बिजली कर्मियों की पहचान रंजन कुमार और भोगेंद्र कुमार के रूप में हुई है। आरोप है कि रंजन कुमार का साहरघाट पुलिस ने हाथ तोड़ दिया। जबकि भोगेंद्र कुमार के शरीर पर लाठी-डंडे की पिटाई से कई जख्म हो गए।
यह भी आरोप है कि साहरघाट पुलिस ने अपनी करतूत को छिपाने के लिए बिजली कर्मियों को पीटने के बाद पुलिस की बदनामी न हो, उसके चक्कर में कोरे कागज पर हस्ताक्षर करवाने के बाद छोड़ दिया। उसके बाद पुलिस की पिटाई से घायल बिजली कर्मियों ने मधवापुर के सीएचसी में अपना इलाज करवाया। इस घटना से आहत होकर मधवापुर शाखा अंतर्गत कार्य करने वाले सभी बिजली कर्मियों ने कार्य का बहिष्कार कर दिया। उसके बाद घायल बिजली कर्मी रंजन कुमार, भागेंद्र कुमार और मो. शकील, प्रभाकर कुमार, माधव कुमार पांडेय, सानू सिंह, भोगेंद्र कुमार, रंजन कुमार, बबलू दास, अभिराम कुमार तथा प्रदीप कुमार सिंह सहित अन्य बिजली कर्मियों ने संयुक्त रूप से आवेदन देकर साहरघाट थाना अध्यक्ष सहित अन्य पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई की मांग की है।
स्थानीय लोगों की मानें तो साहरघाट पुलिस आए दिन लोगों के साथ अभद्र व्यवहार करती है और गाली-गलौज करती है। अगर कोई व्यक्ति आवाज उठाता है तो पुलिस झूठे मुकदमे में फंसाने का षड्यंत्र भी रचती है। इसके साक्ष्य के रूप में कई लोगों के पास कई उदाहरण भी हैं। वहीं, साहरघाट पुलिस की करतूत बार-बार सामने आने से उसकी बदनामी के साथ किरकिरी भी हो रही है। लोगों में ऐसे पुलिस वाले के खिलाफ आक्रोश साफ दिखाई दे रहा है। बहरहाल साहरघाट पुलिस के रवैये से थानाक्षेत्र में दहशत का माहौल बना हुआ है।
वहीं, इस मामले को लेकर बेनीपट्टी के एसडीपीओ निशिकांत भारती ने बताया कि पुलिसकर्मियों द्वारा बिजली कर्मियों को पीटे जाने का मामला मेरे संज्ञान में नहीं आया है। लेकिन बिजली विभाग के एसडीओ ने मेरे पास फोन किया था। पुलिसकर्मियों द्वारा अगर पिटाई की गई है तो मामले की जांच कर करवाई जाएगी।