समस्तीपुर जिले के ताजपुर में मनरेगा में बदलाव, बुलडोजर एक्शन पर रोक, खाद की कालाबाजारी पर नियंत्रण और धान खरीद की गारंटी जैसी मांगों को लेकर भाकपा माले, भाकपा और माकपा के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने जुलूस निकालकर प्रखंड मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने घंटों नारेबाजी की और बाद में धरना पर बैठ गए।
राजधानी चौक से निकला जुलूस
सोमवार को बड़ी संख्या में वामदलों के किसान-मजदूर संगठनों के कार्यकर्ता अपने हाथों में झंडे, बैनर और मांगों से जुड़े नारे लिखी तख्तियां लेकर राजधानी चौक से जुलूस की शक्ल में निकले। जुलूस प्रखंड मुख्यालय पहुंचा, जहां प्रखंड कार्यालय के समक्ष आक्रोशपूर्ण प्रदर्शन किया गया।
धरना और सभा का आयोजन
प्रदर्शन के बाद कार्यकर्ता धरना पर बैठ गए। मौके पर भाकपा माले के प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह और भाकपा के अंचल सचिव रामप्रीत पासवान की संयुक्त अध्यक्षता में सभा आयोजित हुई। सभा का संचालन खेग्रामस के प्रखंड सचिव प्रभात रंजन गुप्ता और बिहार खेत मजदूर यूनियन के रामबृक्ष राय ने किया।
वक्ताओं ने रखीं अपनी बातें
सभा को किसान महासभा के ब्रह्मदेव प्रसाद सिंह, संजीव राय, राजदेव प्रसाद सिंह, भाकपा माले के आसिफ होदा, मो. एजाज, मो. क्यूम, शंकर महतो, मुकेश कुमार गुप्ता, मनोज साह, खेग्रामस के मो. नौशाद, भाकपा के मो. अलाउद्दीन, बिगन राम, नंदलाल पंडित, शंकर राय, सिंहासन देवी और माकपा के रामानंद चौधरी सहित कई नेताओं ने संबोधित किया।
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मनरेगा और श्रम कानूनों पर सवाल
अध्यक्षीय संबोधन में माले नेता सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने मनरेगा को खत्म करने और इससे महात्मा गांधी का नाम हटाने के प्रयासों से केंद्र सरकार को बाज आने को कहा। उन्होंने मजदूर हितैषी 44 कानूनों को खत्म कर कंपनी हित में बनाए गए चार श्रम संहिता बिल वापस लेने की मांग उठाई।
बुलडोजर एक्शन और खाद संकट का मुद्दा
भाकपा नेता रामप्रीत पासवान ने बिना वैकल्पिक व्यवस्था के गरीबों पर बुलडोजर चलाने पर रोक लगाने की मांग की। उन्होंने खाद की कालाबाजारी रोककर किसानों को निर्धारित मूल्य पर खाद उपलब्ध कराने की गारंटी, हर पंचायत में नलकूप की व्यवस्था, सरकारी जमीन पर बसे लोगों को पर्चा, भूमिहीनों को वास भूमि और आवास देने की मांग रखी। प्रदर्शन के अंत में मांगों से संबंधित पांच सूत्री स्मार पत्र बीडीओ रवि भूषण को सौंपा गया। नेताओं ने मांगें तत्काल पूरी नहीं होने पर आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी दी।