संवेदक और निगम कर्मी को फटकार लगाते डीएम कौशल कुमार
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दरभंगा के लहेरियासराय स्थित बीके रोड में करीब 1 करोड़ 85 लाख रुपये की लागत से 74 दुकानों के निर्माण कार्य में अनियमितता का मामला सामने आने के बाद प्रशासन सख्त हो गया है। इस मामले में जिला प्रशासन ने गंभीर रुख अपनाते हुए निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच शुरू कर दी है। डिप्टी मेयर नाजिया हसन द्वारा निर्माण कार्य में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए दीवार को हाथ से धक्का देकर गिराने का वीडियो वायरल होने के बाद यह मामला चर्चा में आया था।
उप-मेयर के निरीक्षण के दौरान गिर गई थी दीवार
बताया जाता है कि 2 मार्च को दरभंगा नगर निगम की उप-मेयर नाजिया हसन दुकानदारों की सूचना पर निर्माण स्थल पर पहुंचीं और वहां चल रहे कार्य का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर आपत्ति जताई। इसी दौरान जब उन्होंने एक दीवार को धक्का दिया तो घटिया और कमजोर निर्माण के कारण पूरी दीवार गिर गई। इस घटना का वीडियो भी सामने आया, जिसके बाद निर्माण कार्य को लेकर हंगामा शुरू हो गया।
प्रमण्डलीय आयुक्त से की गई शिकायत
घटना के बाद उप-मेयर नाजिया हसन ने इस मामले की शिकायत प्रमण्डलीय आयुक्त से की। शिकायत मिलने के बाद जिला प्रशासन हरकत में आया और मामले की जांच शुरू की गई। प्रशासन की ओर से निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर विस्तृत जांच का निर्णय लिया गया।
डीएम कौशल कुमार ने किया मौके पर निरीक्षण
शिकायत के बाद रविवार को जिलाधिकारी कौशल कुमार स्वयं निर्माण स्थल पर पहुंचे और कार्य का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने भी निर्माण में कई गड़बड़ियां पाईं। इस पर उन्होंने मौके पर मौजूद संवेदक और नगर निगम के जूनियर इंजीनियर को कड़ी फटकार लगाई और कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर नाराजगी जताई।
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एफआईआर और कार्रवाई की दी चेतावनी
जिलाधिकारी कौशल कुमार ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि संवेदक की भुगतान राशि रोकी जाएगी और जांच में दोषी पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जाएगा।
गुणवत्तापूर्ण निर्माण के दिए निर्देश
डीएम ने कहा कि इन दुकानों में आने वाले वर्षों तक लोग अपना रोजगार चलाएंगे, इसलिए निर्माण कार्य की गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि निर्माण कार्य को गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा कराया जाए। साथ ही जहां-जहां पहले से निर्माण में कमी पाई गई है, वहां तत्काल मरम्मत कर उसे ठीक करने को कहा गया है।