कोलकाता में हुई घटना के बाद जूनियर डॉक्टरों के हड़ताल के कारण डीएमसीएच में मरीजों का इलाज पूरी तरीके से ठप पड़ गया है। यहां का इनडोर में मरीजों के इलाज की व्यवस्था पूरी तरीके से चरमरा गया है। बता दें कि डॉक्टरों के हड़ताल के कारण डीएमसीएच मरीजों का होने वाला ऑपरेशन, सिटी स्कैन, अल्ट्रासाउंड सहित सभी सेवाएं ठप कर दी गई है। दूर-दूर से आये मरीजों को आज इमरजेंसी वार्ड सहित ओपीडी और निजी नर्सिंग होम में इलाज नहीं होने के कारण परेशानी का सामना करना पड़ा। आज से 24 घण्टे के लिए जूनियर डॉक्टरों को आईएमए और सीनियर डॉक्टरों का समर्थन मिल जाने जाने हड़ताल का प्रभावी हो गया है।
आईएमए के अध्यक्ष डॉ हरि दामोदर सिंह ने कहा कि जबतक मेडिकल प्रोटेक्शन को लागू नहीॆ कर दिया जाता है, तब तक हमारे डॉक्टर असुरक्षित है। हम लोगों की मांग है कि देशभर के सभी अस्पतालों में मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट को लागू किया जाए, जिससे इलाज करने डॉक्टर मरीजों का इलाज सही और सुरक्षित ढंग से कर सकेंगे। जूनियर डॉक्टर अभिषेक झा ने कहा कि जब तक हम लोगों की मांग नहीं मानी जाती है, तब तक हड़ताल जारी रहेगा। कोलकाता में हुए ट्रेनी रेजिडेंट डॉक्टर के परिजन को न्याय नहीं मिल जाता है और देशभर में मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट नहीं लागू होता तबतक हड़ताल जारी रहेगा।
इस संबंध डीएमसीएच के प्रिंसिपल डॉ के एन मिश्रा ने कहा कि हड़ताल के कारण ओपीडी के सेवा बन्द है। नॉन क्लिनिकल 30 डॉक्टर को मरीज के इलाज के लिए लगाया गया है। वहीं उन्होंने कहा कि अगर आवश्यकता हुई तो सिविल सर्जन से अतिरिक्त डॉक्टर की मांग की जाएगी। प्रिंसिपल ने दावा किया कि इमरजेंसी सेवा पूरी तरीके से चल रहा है।